तापी ज़िला एस.ओ.जी पुलिस का ड्रग डिटॉक्सिफिकेशन अवेयरनेस कैंपेन: तारीफ़ के काबिल काम।
गुजरात सरकार के ड्रग डिटॉक्सिफिकेशन कैंपेन की सुस्ती के बीच, पुलिस सिस्टम का ड्रग डिटॉक्सिफिकेशन कैंपेन तारीफ़ के काबिल काम है!!
तापी डिस्ट्रिक्ट SOG पुलिस की तरफ से ड्रग्स की लत के खिलाफ़ लोगों में जागरूकता लाने की एक अनोखी पहल करते हुए, जिले के अलग-अलग तालुका में जाकर यह कैंपेन चलाया गया ताकि लोगों को इस बात से अवगत कराया जा सके कि समाज में शराब और ड्रग्स जैसे जानलेवा ड्रग्स लेने की आदत समाज, परिवार और खुद के शरीर को बर्बाद कर रही है। पूरे जिले में ड्रग्स की लत से रोज़ाना मौत की संख्या खुद सरकारी रिकॉर्ड पर सामने आ रहे हैं।तापी जिले में लोगों को इस नशे के राक्षस की बुराई से आज़ाद कराने के मकसद से, तापी SOG पुलिस ने अलग-अलग जगहों पर जाकर लोगों के सामने जाकर पब्लिक जगहों पर ड्रग्स से आज़ाद होने की बातों के बारे में आसान भाषा में जानकारी दी। ऐसे समय में जब नशा जानलेवा साबित हो रहा है और पूरे परिवार को खत्म कर रहा है, समाज के नेताओं का यह कर्तव्य बन गया है कि वे आगे आएं और लोगों में जागरूकता लाने की पहल करें।
दूसरी ओर, तापी जिले में तालुका की नगर पालिका सीमा में, हर गांव में, शराब, जुआ और अन्य अवैध कारोबार खुलेआम समाज में एक अभिशाप बनते जा रहे हैं। पुलिस व्यवस्था कानून को लेकर कितनी भी सख्त क्यों न हो, लगातार पेट्रोलिंग, सी.सी.टी.वी कैमरा चेकिंग, जगह-जगह गाड़ियों की चेकिंग, पुलिस कर्मियों से लेकर अधिकारियों तक, जनता के रक्षक हर जगह काम करते नजर आते हैं।
जब यह भी सवाल उठता है कि अगर नशीले पदार्थ हवाई जहाज से नहीं आते हैं, तो सड़क के रास्ते मौत का सामान तस्करी करने वाले मौत के सौदागर पुलिस की पकड़ से क्यों बचते हैं?गांधी के गुजरात में शराब पर पूरी तरह से बैन है, फिर भी जहाँ मांगो जितना मांगो ओर जो ब्रांड मांगो उपलब्ध हो जाती है शराब की मांग सिर्फ तापी जिले में ही नहीं बल्कि पूरे गुजरात में है। शराबबंदी के नाम पर खादी पहनने वाले नेताओं की किस्त नीति के कारण, जब तक सिस्टम सक्रिय रहेगी, तब तक यह अवैध शराब की हेराफेरी व्यवस्था बंद नहीं होगी ओर गुजरात में शराब का समुद्र खुलेआम बहता रहेगा।
नेता घर भरते रहेंगे,बेगुनाह लोग नशे से मरते रहेंगे, परिवारो मे मुख्य सदस्य नशेकी आदत से मरते रहेंगे परिवारो आर्थिक कंगाल बनते रहेंगे, फिरभी भाजपा सरकार पुलिस को नशा विरोधी अभियान कार्यक्रम चलाने के निर्देश देती रहेगी। वर्तमान में, गुजरात में शराब प्रतिबंधित राज्य होने के बावजूद हर दिन विदेशी शराब की फैक्ट्रियाँ पकड़ी जा रही हैं, लेकिन गृह मंत्री हर्ष संघवी शराब मुक्त गुजरात के प्रमुख होने का संतोष प्राप्त कर रहे हैं लेकिन राज्य में स्वर्गीय मोरारजी देसाई का शराबबंदी का सपना अधूरा रह गया है और अधूरा ही रहेगा इसमें कोई समझौता नहीं होगा ये वर्तमान समय बता रहा है।

