आनन्द बॉबी चावला ब्यूरो चीफ झांसी।
दिनांक 17 मई 2026
*सरकारी स्कूलों की बदलती तस्वीर में अनुदेशकों की बड़ी भूमिका, प्रदेश सरकार ने योगदान को दिया बड़ा सम्मान*
*जनपद के 420 अनदेशकों को बड़े मानदेय का मिलेगा लाभ*
*9,000 से 17,000 मानदेय बढ़ा तो खिले अनुदेशकों के चेहरे, गांव के स्कूलों में अब शिक्षा को मिलेगा नया संबल*
*शिक्षा की अलख जगा रहे अनुदेशक, माननीय राज्यमंत्री केपी मलिक जी ने बढ़े मानदेय का चेक देकर किया सम्मानित*
*लाइव प्रसारण में माननीय मुख्यमंत्री जी से घोषणा सुन कलेक्ट्रेट सभागार में खूब गूंजी तालियां*
झांसी। गांव के सरकारी स्कूलों में बच्चों को खेल, कला, कंप्यूटर और गतिविधियों से जोड़ने वाले अंशकालिक अनुदेशकों के चेहरों पर आज खुशी साफ दिखाई दी। प्रदेश सरकार द्वारा मानदेय 9 हजार रुपये से बढ़ाकर 17 हजार रुपये प्रतिमाह किए जाने की घोषणा के बाद जनपद में भी उत्साह का माहौल रहा। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित सम्मान समारोह में प्रत्येक विकास खंड से चयनित एक-एक अंशकालिक अनुदेशकों को सम्मानित किया गया और उन्हें चेक वितरित किए गए।लखनऊ में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी समारोह में दिखाया गया, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशभर के 24,717 अंशकालिक अनुदेशकों के लिए मानदेय वृद्धि की घोषणा की। जैसे ही बढ़े हुए मानदेय की घोषणा हुई, सभागार तालियों से गूंज उठा। कई अनुदेशक मोबाइल पर कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो बनाते नजर आए। वहीं अनुदेशकों एवं उनके परिवारजनों के लिए कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा की भी घोषणा की।
प्रदेश सरकार के गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी जी गुप्ता ने लाभार्थियों को चेक वितरित करते हुए कहा कि गांव के बच्चों को नई दिशा देने में अनुदेशकों की बड़ी भूमिका है। उन्होंने कहा कि खेल, कला, कार्य शिक्षा और कंप्यूटर जैसी गतिविधियां बच्चों के आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास को मजबूत करती हैं।
कार्यक्रम में आर पी निरंजन ने कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को भी बेहतर अवसर और आधुनिक शिक्षा वातावरण मिले, इसके लिए अब मानदेय बढ़ने से अनुदेशकों का मनोबल और मजबूत होगा, जिसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई और स्कूलों के वातावरण पर दिखाई देगा।
जिलाधिकारी गौरांग राठी ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में शिक्षक और अनुदेशक दोनों अहम कड़ी हैं। जब शिक्षा से जुड़े लोगों को सम्मान और आर्थिक संबल मिलता है तो उसका सकारात्मक असर बच्चों के भविष्य पर भी पड़ता है।जनपद में सरकारी स्कूलों की बदलती तस्वीर अब लोगों का भरोसा भी बढ़ा रही है। अब बच्चों के व्यक्तित्व विकास, रचनात्मक क्षमता, खेल प्रतिभा और व्यवहारिक कौशल पर भी फोकस किया जा रहा है। इसी दिशा में आज बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा शुरू किया गया सर्वांगिक विकास रिपोर्ट कार्ड बच्चों की पढ़ाई के साथ उनके संपूर्ण विकास को ट्रैक करेगा।
कार्यक्रम में विकसित उत्तर प्रदेश और शिक्षित उत्तर प्रदेश थीम पर आधारित विशेष फिल्म का भी प्रसारण किया गया। फिल्म में बेसिक शिक्षा विभाग की योजनाओं, स्कूलों में बढ़ती सुविधाओं और शिक्षकों-अनुदेशकों के योगदान को दिखाया गया। फिल्म के दौरान कई अनुदेशक भावुक भी नजर आए और इसे अपने कार्य के सम्मान से जोड़कर देखा।
समारोह में मौजूद अंशकालिक अनुदेशकों ने बताया कि पहले सीमित मानदेय में परिवार की जिम्मेदारियों के साथ स्कूल की गतिविधियों को संभालना चुनौतीपूर्ण होता था लेकिन अब राहत मिलेगी। उनका कहना था कि बढ़ा हुआ मानदेय केवल आर्थिक मदद नहीं बल्कि उनके कार्य के प्रति सरकार के विश्वास और सम्मान का प्रतीक है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सहित समस्त सामान्य जनों का बेसिक शिक्षा अधिकारी विपुल शिव सागर ने पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। उन्होंने बताया कि जनपद में 420 अनुदेशकों कार्यरत हैं, आप सभी को बड़े मानदेय का लाभ प्राप्त होगा।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड, जिला विद्यालय निरीक्षक श्रीमती रति वर्मा,जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री विपुल शिव सागर सहित विभिन्न अधिकारीगण व बड़ी संख्या में अभिभावक मौजूद रहे।
आनन्द बॉबी चावला झांसी।
