झारखंड न्यायपालिका के लिए बेहद दुखद क्षण
जे.जे. बोर्ड देवघर की प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट पूर्णिमा तिर्की का आकस्मिक निधन, न्यायिक जगत में शोक की लहर
हमारे चैनल के नेशनल ब्यूरो हेड एवं लीगल एडवाइजर अधिवक्ता राजेश कुमार की श्रद्धांजलि के साथ यह दुःखद खबर लिखनी पड़ रही है कि देवघर जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड की प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी पूर्णिमा तिर्की का बीते 14 मई 2026 को रांची में इलाज के दौरान आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की खबर सामने आते ही झारखंड न्यायिक जगत, अधिवक्ता समुदाय तथा प्रशासनिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।पूर्णिमा तिर्की अपने सौम्य व्यवहार, संवेदनशील कार्यशैली और न्याय के प्रति समर्पित दृष्टिकोण के लिए जानी जाती थीं। विशेष रूप से जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में उनकी भूमिका काफी सराहनीय रही। बच्चों से जुड़े मामलों में वे मानवीय दृष्टिकोण और संवेदनशील न्याय प्रणाली को प्राथमिकता देती थीं। उनके कार्यकाल में कई मामलों का निष्पक्ष एवं त्वरित निष्पादन हुआ, जिससे न्यायपालिका की गरिमा और विश्वास मजबूत हुआ।
उनके असामयिक निधन को न्यायिक सेवा के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। अधिवक्ताओं, न्यायिक अधिकारियों एवं सामाजिक संगठनों ने गहरा दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि पूर्णिमा तिर्की का जाना केवल एक न्यायिक अधिकारी का निधन नहीं, बल्कि न्याय और संवेदनशीलता की आवाज का मौन हो जाना है।
अधिवक्ता राजेश कुमार ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि पूर्णिमा तिर्की अत्यंत प्रतिभाशाली, सरल और कर्तव्यनिष्ठ व्यक्तित्व की धनी थीं। एलएलएम के दिनों से ही वे न्याय व्यवस्था के प्रति गंभीर सोच रखती थीं और सदैव समाज के कमजोर वर्गों को न्याय दिलाने के पक्ष में खड़ी रहती थीं। उनका इस तरह अचानक चले जाना व्यक्तिगत रूप से भी अत्यंत पीड़ादायक है।
झारखंड न्यायपालिका के लिए यह एक बेहद दुखद और भावुक क्षण है। न्यायिक परिवार ने एक समर्पित, कर्मठ और संवेदनशील अधिकारी को खो दिया है। उनके निधन से उत्पन्न रिक्तता को भर पाना आसान नहीं होगा।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोक संतप्त परिवार को इस कठिन समय में दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।
भावभीनी श्रद्धांजलि।
