ब्यूरोचीफ शैलेन्द्रसिंह बारडोली गुजरात
सुरत मध्यस्थ लाजपोर जेल से पेरोल जंपकर के भागते आरोपी को तापी एलसीवी पुलिस ने पकड़ा।
सूरत की लाजपोर जेल से पैरोल तोड़कर फरार हुए आरोपी को गिरफ्तार करके तापी एलसीबी की पूछताछ दौरान महाराष्ट्र से वाहन चोरी के मामले का नाकाम करने मे सफलता मिली।सूरत डिवीजन के पुलिस महानिरीक्षक और तापी के पुलिस अधीक्षक जे.एन. देसाई के निर्देशों का पालन करते हुए जिले में फरार आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सुचना तापी एलसीबी पुलिस को दी गई।
तापी एलसीबी के पीआई डी.एस. गोहिल और जे.बी. अहिर, पैरोल फरलो स्कोर्ड तापी, पीएसआई के.आर. पटेल और एलसीबी पैरोल फरलो स्कोर्ड के पुलिसकर्मियों के निर्देशानुसार व्यारा पुलिसथाना क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान, हरपाल सिंह और महावीर सिंह को सूचना मिली कि पीले रंग की बाजू की कमीज और भूरे रंग की जींस पहने एक व्यक्ति संदिग्ध काली स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर कपूरा से व्यारा की ओर जा रहा है।
सूचना के आधार पर कपूरा गांव के पास कमलधाम के नजदीक निगरानी रखी गई। आरोपी परेश उर्फ प्रवीणभाई परसोत्तम्भी गामित, उम्र,35 वर्ष, रहे,मोटू फलियू, चिखलीगाम, व्यारा, तापी को रोककर मोटरसाइकिल के दस्तावेज मांगे गए। उससे कड़ी पूछताछ करने पर भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
उसने मोटरसाइकिल के स्वामित्व का कोई प्रमाण नहीं दिखाया। हीरो कंपनी की स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल (नंबर GJ-26-M-1194) को 30,000 रुपये में जब्त किया गया। आरोपी परेश गामित को विधिवत गिरफ्तार किया गया और जब्त की गई मोटरसाइकिल की जांच की गई।
जांच में पता चला कि वह चोरी की थी। इस संबंध में यह भी पता चला कि महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले के नवापुर पुलिस स्टेशन में चोरी का मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस की पुछताछ करने पर उसने स्वीकार किया कि वह सूरत की लाजपुर केंद्रीय जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था और उसका कैदी नंबर 1703 था। 10 दिन की अंतरिम पैरोल पर रिहा होने के बाद उसकी सजा पूरी हो चुकी थी। उसे 25 मार्च को लाजपुर जेल में पेश होना था, लेकिन पेश न होने पर उसे भगोड़ा घोषित कर दिया गया। उसे गिरफ्तार कर लाजपुर केंद्रीय जेल भेज दिया गया।
एलसीबी के पीएसआई के.आर. पटेल एवं स्टाफ सदस्य हरपाल सिंह, महावीर सिंह, हसमुख भाई, भूपेन्द्र भाई ने सराहनीय कार्य किया।
