*नौ दिवसीय भीम कथा व बौद्ध कथा का भंडारे के साथ हुआ समापन*
*बाबा साहब डॉ भीमराम अम्बेडकर के संघर्षो को कभी भुलाया नही जा सकता:अभिनन्दन बौद्ध*
रिपोर्ट एम एस वर्मा, मनोज कुमार TTN 24 NEWS
इटावा /वीना। क्षेत्र के ग्राम सिमरिया मे नौ दिवसीय भीम कथा व बौद्ध कथा का आयोजन बड़े ही धूमधाम से भंडारे के साथ समापन हुआ।नौ दिवसीय भीम कथा व बौद्ध कथा मै बहुजन महारूषों की लीलाओं का प्रदर्शन झांकी निकालकर बड़े ही हर्षोल्लास के साथ प्रदर्शन किया गया जो एक मनमोहक और देखने लायक क्षण थे।भीम कथा व बौद्ध कथा वाचक युवा सम्राट अभिनन्दन बौद्ध ने करुणा के सागर भगवान गौतम बुद्ध के जीवन पर प्रकाश डाला और कहा कि 563 ईसा पूर्व में जिस समय ब्राह्मणवाद हावी था उस समय भगवान गौतम बुद्ध ने जाति व्यवस्था, ब्राह्मणवाद और अन्धविश्वास के खिलाफ आवाज़ उठाई और समता, करुणा और प्रज्ञा का मार्ग अपनाया.।
कथावाचाक अभिन्दन बौद्ध ने कहा कि नारी मुक्तिदाता, भारतीय संविधान के निर्माता बाबा साहब डॉ भीमराव अम्बेडकर जी के संघर्षो को कभी भुलाया नही जा सकता वह महमानव थे। बाबा साहब डॉ भीमराव अम्बेडकर जी ने 1956 में पांच लाख लोगों के साथ बौद्ध धम्म अपनाया।कथा समापन के दौरान इंसानी भाईचारा प्रेम सदभाव समिति के अध्यक्ष मोहम्मद आमीन भाई ने पंचशील पटुका पहनाकर कथा वाचाक की पूरी टीम एवं कथा आयोजक पत्रकार प्रवीन गौतम को माला और पटुका पहनाकर
सम्मानित किया।
इस मौक़े पर समाजसेवी अनिल यादव ने भी पूरी टीम को पटुका और शॉल उड़ाकर सम्मानित किया।
इस अवसर पर कथा आयोजक पत्रकार प्रवीन गौतम, दर्शन सिंह, बौद्धचार्या प्रदीप भीमराव बौद्ध, आदि कार्यक्रम आयोजकों ने हाथ जोड़कर सभी का धन्यवाद किया।
प्रवीन गौतम ने अपने गाँव सिमरिया,वीना और अपने क्षेत्रवासियों की भूरी भूरी प्रशंसा की और कहा कि ये सब इनका ही प्यार सहयोग और मोहब्बत है जो नौ दिवसीय कथा बड़े ही हर्षोल्लास और भंडारे के साथ सम्पन्न हुई।

