बेलहर CO की कार्यशैली पर गंभीर सवाल,29 साल पुराने पारिवारिक बंटवारे को उलझाने की साजिश, 'खून-खराबे' की फर्जी रिपोर्ट का आरोप
टीटीएन24 न्यूज ब्यूरो
बांका/बिहार: बांका जिले के बेलहर प्रखंड में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने प्रशासनिक निष्पक्षता पर सवालिया निशान लगा दिया है।आरोप है कि बेलहर के अंचलाधिकारी (CO),राजस्व कर्मचारी और स्थानीय पुलिस की रिपोर्ट को दरकिनार कर, एक पक्ष के प्रभाव में आकर धारा 144 लगवाने की फिराक में हैं।मामला: तीन दशक पुराने समझौते को ठुकराने की कोशिश
बनगामा गांव निवासी स्वर्गीय अर्जुन प्रसाद सिंह के दो पुत्रों—स्वर्गीय सुबोध कुमार सिंह और बिनोद कुमार सिंह—के बीच 11 जनवरी 1997 को ही कोर्ट स्टांप पेपर पर विधिवत बंटवारा हो चुका है।पिछले 29 वर्षों से दोनों परिवार अपनी-अपनी जमीन पर शांतिपूर्ण ढंग से काबिज हैं।लेकिन अब इस सुलझे हुए मामले को जबरन विवादित बनाया जा रहा है।
आरोपों के घेरे में अंचलाधिकारी,कार्यशैली पर उठे सवाल
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि बिनोद कुमार सिंह के द्वितीय पत्नी के पुत्र माधवन ने अंचलाधिकारी को अपने प्रभाव में ले रखा है।
फर्जी रिपोर्ट का अंदेशा:
स्थानीय पुलिस और हल्का कर्मचारी ने किसी भी हिंसक झड़प की रिपोर्ट नहीं दी है,फिर भी CO द्वारा 'खून-खराबा' होने की आशंका जताकर धारा 144 की अनुशंसा करना संदेहास्पद है।
वंशावली की अनदेखी:-
कायदे से जमीन विवाद में वंशावली की मांग की जानी चाहिए ताकि पक्षकारों की सत्यता जांची जा सके, लेकिन यहां नियमों को ताक पर रखा गया है।
तथ्यों के विपरीत दावा:-
स्वर्गीय सुबोध कुमार सिंह का परिवार प्रतिष्ठित पदों पर है(बड़ा पुत्र अधिवक्ता और छोटा पुत्र एक प्रतिष्ठित टीवी न्यूज चैनल में बिहार-झारखंड के ब्यूरो चीफ (वरिष्ठ पत्रकार)है और वे गांव में रहते भी नहीं हैं,उनके बच्चे पटना और जमुई में रहकर पढ़ाई करते हैं।गांव में किसी के न रहने के बावजूद 'शांति भंग' होने का दावा हास्यास्पद प्रतीत होता है।
विवाद की जड़:-
पारिवारिक पृष्ठभूमि और दबाव की राजनीति
जानकारों के अनुसार,बिनोद कुमार सिंह ने दो शादियां की हैं।उनकी पहली पत्नी मीरा सिंह से एक पुत्री मीनाक्षी है,जबकि दूसरी पत्नी वीणा देवी का पुत्र माधवन अब पुराने बंटवारे को नकार कर नई हिस्सेदारी की जिद कर रहा है।आरोप है कि इसी जिद को पूरा करने के लिए प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग कर सुबोध कुमार सिंह के परिवार पर मानसिक दबाव बनाया जा रहा है।
बेलहर CO का पुराना रिकॉर्ड भी विवादित
यह पहली बार नहीं है जब बेलहर अंचलाधिकारी चर्चा में हैं।क्षेत्र के कई नागरिकों ने उन पर अनियमितता के आरोप लगाए हैं और सोशल मीडिया पर भी उनके विरुद्ध वीडियो वायरल हो चुके हैं।सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के विपरीत उनकी कार्यशैली पर उंगलियां उठती रही हैं।
न्याय की मांग:-
[ उच्चाधिकारियों तक पहुंचा मामला ]
पीड़ित परिवार ने इस 'प्रायोजित साजिश' के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।उन्होंने जिलाधिकारी बांका,आयुक्त भागलपुर और बिहार के उपमुख्यमंत्री सह राजस्व मंत्री से गुहार लगाई है कि अंचलाधिकारी की एकपक्षीय रिपोर्ट की निष्पक्ष जांच हो। 29 साल पुराने लिखित साक्ष्यों के आधार पर यथास्थिति बरकरार रखी जाए।पद का दुरुपयोग करने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो।
