आनन्द बॉबी चावला ब्यूरो चीफ झांसी।
24 मार्च 2026
*किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग राजगढ़ (म.प्र.) के किसानों का झांसी रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय में शैक्षणिक भ्रमण*
झांसी। सबमिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन (एसएमएसई) एवं आत्मा योजना के अंतर्गत मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले से आए किसानों के एक दल ने आज रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय झांसी का शैक्षणिक भ्रमण किया।
यह भ्रमण कार्यक्रम किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, राजगढ़ (मध्य प्रदेश) के तत्वावधान में आयोजित किया गया।
भ्रमण के दौरान विश्वविद्यालय के निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ सुशील कुमार सिंह ने किसानों का स्वागत करते हुए उन्हें आगामी खरीफ फसलों की वैज्ञानिक खेती के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान बदलते जलवायु परिदृश्य में किसानों को उन्नत तकनीकों, गुणवत्तापूर्ण बीज, संतुलित उर्वरक प्रबंधन एवं समेकित कीट एवं रोग नियंत्रण पद्धतियों को अपनाना अत्यंत आवश्यक है, इससे उत्पादन लागत में कमी एवं उत्पादकता में वृद्धि संभव हो सके।डॉ सिंह ने अपने विस्तृत वक्तव्य में कहा कि, “खरीफ सीजन किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। यदि किसान समय पर सही फसल चयन, उन्नत किस्मों का उपयोग तथा वैज्ञानिक विधियों जैसे ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई, जैविक एवं प्राकृतिक खेती, फसल चक्र एवं एकीकृत पोषण प्रबंधन अपनाते हैं, तो वे कम संसाधनों में अधिक लाभ अर्जित कर सकते हैं।विश्वविद्यालय का उद्देश्य किसानों तक नवीनतम शोध एवं तकनीकों को पहुंचाना है, इससे उनकी आय में सतत् वृद्धि हो सके।”
उन्होंने आगे बताया कि एकीकृत कृषि प्रणाली (आईएफएस) अपनाने से किसान खेती के साथ-साथ पशुपालन, बागवानी, मधुमक्खी पालन एवं अन्य सहायक गतिविधियों को जोड़कर अपनी आय के विविध स्रोत विकसित कर सकते हैं। इससे जोखिम कम होता है और वर्ष भर आय सुनिश्चित होती है।
किसानों ने विश्वविद्यालय परिसर में स्थित विभिन्न प्रक्षेत्रों का अवलोकन किया, इसमें बागवानी इकाई, फसल उत्पादन प्रक्षेत्र, एकीकृत कृषि प्रणाली मॉडल, सरसों एवं गेहूं के उन्नत प्रायोगिक खेत, पॉलीहाउस तकनीक, फल एवं फूल उत्पादन इकाइयाँ तथा कैफेटेरिया शामिल रहे।विवि के डॉ आशीष कुमार गुप्ता ने किसानों को आधुनिक खेती की बारीकियों, उन्नत उपकरणों एवं नई तकनीकों के व्यवहारिक उपयोग की जानकारी दी।
भ्रमण के दौरान किसानों ने विभिन्न विषय विशेषज्ञों से संवाद कर अपनी समस्याओं के समाधान भी प्राप्त किए।
किसानों ने इस शैक्षणिक भ्रमण को अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि उन्हें यहां से मिली जानकारी को वे अपने खेतों में अपनाकर उत्पादन एवं आय में वृद्धि करेंगे।
कार्यक्रम के अंत में विभागीय अधिकारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन का आभार व्यक्त किया और इस प्रकार के भ्रमण कार्यक्रमों को किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी बताया।
आनन्द बॉबी चावला झांसी।


