लोकेशन बोकारो से ब्यूरो रिपोर्ट
एंकर बोकारो के अधिवक्ता सुनील प्रसाद ने झारखंड स्टेट बार काउंसिल सदस्य पद के लिए घोषित की उम्मीदवारी
रांची, 18 जनवरी 2026: आज रांची में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन (All India Lawyers Union) ने बोकारो के जाने-माने अधिवक्ता श्री सुनील प्रसाद को झारखंड स्टेट बार काउंसिल के सदस्य पद के लिए उम्मीदवार के रूप में आधिकारिक घोषणा की। यह घोषणा झारखंड के अधिवक्ता समुदाय में काफी उत्साह और चर्चा का विषय बन गई है।झारखंड स्टेट बार काउंसिल के आगामी चुनाव (2026-2031 कार्यकाल) की तैयारियां जोरों पर हैं, जहां 12 मार्च 2026 को 23 सदस्यों के लिए मतदान होना है। इस चुनाव में अधिवक्ताओं के कल्याण, सुरक्षा, पेंशन, महिला सशक्तिकरण और न्यायिक व्यवस्था में सुधार जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठ रहे हैं। ऐसे समय में श्री सुनील प्रसाद की उम्मीदवारी को अधिवक्ता वर्ग में सकारात्मक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
बैठक में राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे सैकड़ों अधिवक्ताओं ने श्री सुनील प्रसाद को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। अधिवक्ताओं ने कहा कि बोकारो जिले से श्री सुनील प्रसाद की उम्मीदवारी स्थानीय स्तर पर न्यायिक समुदाय की आवाज को मजबूती प्रदान करेगी। उनकी ईमानदारी, समर्पण और अधिवक्ताओं के हितों के प्रति सक्रियता को देखते हुए सभी ने उन्हें पूर्ण समर्थन देने का आश्वासन दिया।
श्री सुनील प्रसाद एक अनुभवी अधिवक्ता हैं, जो लंबे समय से बोकारो में न्यायालयीन प्रैक्टिस कर रहे हैं। उन्होंने विभिन्न सामाजिक एवं कानूनी मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाई है और अधिवक्ता समुदाय के बीच काफी लोकप्रिय हैं। ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन द्वारा उनका चयन इस बात का संकेत है कि संगठन युवा एवं समर्पित नेतृत्व को आगे लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने कहा कि श्री सुनील प्रसाद की जीत से झारखंड के अधिवक्ताओं के हितों की बेहतर तरीके से रक्षा हो सकेगी। वे बार काउंसिल में बोकारो एवं आसपास के जिलों के मुद्दों को मजबूती से उठा सकेंगे।
अधिवक्ता समुदाय में यह उम्मीद जताई जा रही है कि आगामी चुनाव में श्री सुनील प्रसाद को व्यापक समर्थन मिलेगा और वे सफलता प्राप्त करेंगे।
ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन एवं बोकारो जिला अधिवक्ता संघ के सभी सदस्यों ने श्री सुनील प्रसाद को एक बार फिर हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं।
