*AIIMS के HIPEC के जनक,कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ.एम.डी.रे से स्वदेश भारत न्यूज के एडिटर ने की मुलाकात,उनकी उपलब्धियां को जाना*
Editorial: अमित कुमार सिंह
नई दिल्ली। AIIMS के HIPEC के जनक,कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ.एम.डी.रे से स्वदेश भारत न्यूज के एडिटर ने की मुलाकात, एवं उनके उपलब्धियों को जाना।डॉ. (मेजर) एम.डी.रे एम्स, नई दिल्ली के प्रसिद्ध कैंसर सर्जन और प्रोफेसर हैं। सर्जिकल ऑन्कोलॉजी (विशेषकर पेट और महिला अंगों का कैंसर)। भारत में HIPEC तकनीक के विशेषज्ञों में से एक। और वर्तमान में वो डॉ. बी.आर. अंबेडकर संस्थान रोटरी कैंसर अस्पताल (IRCH), एम्स में कार्यरत है।
डॉ. एम.डी. रे की प्रमुख उपलब्धियां:
HIPEC विशेषज्ञ: भारत में पेट के कैंसर के लिए हाइपरथर्मिक इंट्रापेरिटोनियल कीमोथेरेपी के जनक माने जाते हैं।
सैन्य सेवा: भारतीय सेना के आर्मी मेडिकल कोर (AMC) में मेजर के पद पर रहकर देश की सेवा की।
पेटेंट और पुरस्कार: उन्होंने कैंसर सर्जरी को आसान बनाने के लिए 8 से अधिक सर्जिकल उपकरणों का आविष्कार और पेटेंट कराया है। उन्हें चिकित्सा और समाज सेवा के लिए विशिष्ट सेवा पदक (VSM) और कई राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।
शैक्षणिक योग्यता और विशेषज्ञता
डिग्रियाँ: उन्होंने MBBS (कलकत्ता), MS (दिल्ली), और एम्स (AIIMS) से PhD (Oncology) की है। वह FRCS (UK), FACS (USA), और FICS (Surgical Oncology, USA) जैसी अंतरराष्ट्रीय फेलोशिप से भी सम्मानित हैं। पेट की झिल्ली के कैंसर) के क्षेत्र में दुनिया भर में जाने जाते हैं।
प्रमुख योगदान : उन्होंने "Two parallel curvilinear incision technique" विकसित की है, जिसने पेट के कैंसर की सर्जरी में सफलता दर को 20% से बढ़ाकर 90% तक पहुँचाने में मदद की है।
कैंसर के क्षेत्र में उन्होंने 'Red Alert Zone', 'High Alert Zone', और 'Staged HIPEC' जैसे शब्द और अवधारणाएं दी हैं।
पेटेंट: उनके नाम पर 5 से अधिक सर्जिकल उपकरणों के पेटेंट हैं जो कैंसर सर्जरी को अधिक किफायती और प्रभावी बनाते हैं।
सैन्य सेवा और पदक:
चिकित्सा क्षेत्र में आने से पहले उन्होंने भारतीय सेना में मेजर के रूप में सेवाएं दी हैं:
कारगिल युद्ध (1999): इसमें भाग लेने के लिए उन्हें 'ऑपरेशन विजय पदक' से सम्मानित किया गया।
अन्य पदक: उन्हें 'सैन्य सेवा पदक', 'हाई एल्टीट्यूड मेडल' और 'ऑपरेशन रक्षक मेडल' भी प्राप्त हुए हैं।
लेखक और शोधकर्ता: पुस्तकें: डॉ. रे एक कुशल लेखक हैं जिन्होंने 36 से अधिक पुस्तकें लिखी हैं। उनकी प्रमुख कृतियों में 'Gateway to Success in Surgery' और 'Multidisciplinary Approach to Onco Surgical Patients' शामिल हैं।
शोध एवं सम्मान: उन्होंने 100 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक शोध पत्र प्रकाशित किए हैं। उनका नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में उनकी पेशेवर उत्कृष्टता और अन्य गतिविधियों के लिए दर्ज है।
उन्हें 'राष्ट्रीय गौरव पुरस्कार' और दिल्ली सरकार द्वारा विशेष सम्मान भी मिल चुका है।
डॉ. (मेजर) एम.डी.रे ने बहुत ही सहज तरीके से कैंसर और उसके बचाव के बारे में स्वदेश भारत न्यूज के एडिटर अमित कुमार सिंह को बताया।
