संवाददाता हितेश कुमार जोशी
सिरोही जिले के संत समाज (कामड़ जाति) के नागरिकों के जाति प्रमाण पत्र में त्रुटिवश दर्ज 'रैदास' शब्द को सुधार कर 'कामड़' जाति का प्रमाण पत्र जारी करने की माँग को लेकर एसडीएम को सौपा ज्ञापन ,
रेवदर । सिरोही जिले के समस्त संत समाज के प्रबुद्ध नागरिकों द्वारा विनम्रतापूर्वक ज्ञापन एसडीएम को सौपा गया , ज्ञापन में निम्नलिखित बिंदुओं को लेकर सरकार से माँग की गई ,ऐतिहासिक एवं सामाजिक पृष्ठभूमि: हम सभी सिरोही जिले के मूल निवासी हैं और हमारा समाज परंपरागत रूप से 'संत समाज' के रूप में जाना जाता है। हमारा मुख्य कार्य लोक देवता बाबा रामदेव जी की पूजा-अर्चना करना, धार्मिक भजन-कीर्तन करना, एवं समाज में आध्यात्मिक चेतना जगाना है। राजस्थान के अन्य जिलों में हमारे इस समाज को 'कामड़' जाति के नाम से जाना और पहचाना जाता है।रोटी-बेटी के संबंध: राजस्थान के अन्य जिलों में निवास कर रहे कामड़ जाति के परिवारों के साथ ही हमारे पूर्वजों के समय से आज तक रोटी-बेटी के (वैवाहिक) संबंध होते आए हैं। हमारा और उनका रहन-सहन, संस्कृति, कार्य और इतिहास पूरी तरह से एक समान है।1. त्रुटि का कारण: पूर्व के समय में हमारे पूर्वज अशिक्षित, अनपढ़ और प्रशासनिक नियमों से अनभिज्ञ थे। पूर्व में जनगणना या राजकीय दस्तावेजों के समय अज्ञानतावश हमारे समाज के लोगों के जाति प्रमाण पत्रों में जाति के आगे 'रैदास' अंकित कर दिया गया।2. अस्तित्व एवं वैवाहिक संकट: व्यावहारिक और सामाजिक रूप से हमारा 'रैदास' समाज से दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं है और न ही उनके साथ हमारे कोई वैवाहिक संबंध होते हैं। वर्तमान में सरकारी दस्तावेजों और प्रमाण पत्रों में 'रैदास' अंकित होने के कारण हमारी नई पीढ़ी (बच्चों) के वैवाहिक संबंधों में बहुत बड़ा संकट खड़ा हो गया है। अन्य जिलों के कामड़ समाज के लोग 'रैदास' शब्द अंकित होने के कारण हमारे बच्चों से विवाह करने में संकोच कर रहे हैं, जिससे बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है।
अतः श्रीमान से करबद्ध प्रार्थना है कि सिरोही जिले के इस संत समाज की इस विकट और न्यायसंगत समस्या पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए, राजस्व रिकॉर्ड एवं अन्य सामाजिक साक्ष्यों के आधार पर त्रुटिपूर्ण 'रैदास' शब्द को संशोधित कर, हमें 'कामड़' जाति का प्रमाण पत्र जारी करने हेतु संबंधित विभाग को उचित दिशा-निर्देश प्रदान कराने की कृपा करें।
इस पुनीत कार्य के लिए पूरा संत समाज सदैव आपका आभारी रहेगा।वही ज्ञापन देते समय धीरज कुमार संत रेवदर छगनदास जीरावल लक्षमण दास मगरीवाडा अमरत जी मालीवाड़ा भुताराम जी निमबोडा मुकेश जी दोलपुरा नर्सिंग दास जी निमबोडा अशोक जी ओम प्रकाश जीरावल उपस्थित रहे।

