संवाददाता हितेश कुमार जोशी
अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूल भेजने वाले टीचर निकम्मे', सरकारी शिक्षकों पर भड़के मंत्री मदन दिलावर
राजस्थान टोक शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने सरकारी टीचरों को चेतावनी दी कि खराब रिजल्ट पर निलंबन-ट्रांसफर हो सकता है. प्राइवेट स्कूल भेजने वाले टीचरों को निकम्मा बताया.टोंक में राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने सरकारी शिक्षकों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अब रिजल्ट खराब करने वाले टीचरों की खैर नहीं होगी. टोंक में खटीक समाज के सम्मान समारोह में उन्होंने साफ कहा कि जो शिक्षक अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाते हैं, वे खुद निकम्मे हैं मंत्री दिलावर ने कहा कि अब 80 नंबरों में 40 से कम आने पर गुरुजी से पूछताछ होगी, निलंबन, इंक्रीमेंट रोका जा सकता है और दूर-दराज ट्रांसफर भी हो सकता है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आजकल मास्टर साहब 13 नंबर आने पर भी 100% रिजल्ट का दावा करते हैं, जबकि 13 नंबर लाने वाला छात्र फेल है.ट्रांसफर की सिफारिशी जुगाड़ बंद, खराब रिजल्ट वाले टीचर दूर-दराज भेजे जाएंगे मदन दिलावर ने कहा कि अब सिफारिशी जुगाड़ से तबादला नहीं होगा. खराब रिजल्ट वाले शिक्षकों का ट्रांसफर नहीं किया जाएगा, बल्कि उन्हें दूर-दराज के इलाकों में भेजा जाएगा. अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्वयं नोट लिखकर ऐसे टीचरों का ट्रांसफर रोकें राजस्थान शिक्षा में चौथे स्थान पर पहुंचा, सरकारी स्कूल निजी स्कूलों से बेहतर मंत्री ने दावा किया कि तीन साल पहले राजस्थान शिक्षा के मामले में देश में 14वें स्थान पर था, लेकिन कड़े नियमों के चलते अब चौथे स्थान पर पहुंच गया है. उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार सरकारी स्कूल के बच्चे प्राइवेट स्कूलों को पछाड़कर मेरिट में आए हैं दिलावर ने उन सरकारी शिक्षकों पर जमकर निशाना साधा जो मोटी तनख्वाह सरकारी स्कूल से लेते हैं, लेकिन अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूल में पढ़ाते हैं. उन्होंने इसे निकम्मापन करार दिया और अपील की कि शिक्षक अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में दाखिला दिलाएं तबादला अर्जियों का सैलाब समारोह के दौरान शिक्षा मंत्री को देखते ही सरकारी शिक्षकों और कर्मचारियों ने तबादला अर्जियां सौंपनी शुरू कर दीं. मंच पर अर्जियों की लंबी कतार लग गई. स्थिति देखकर आयोजकों को मुनादी करानी पड़ी कि सम्मान समारोह के मंच पर तबादला अर्जियां न दी जाएं. मदन दिलावर ने कहा कि कड़े फैसलों की वजह से शिक्षक उनसे नाराज हैं, लेकिन बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना उनकी प्राथमिकता है.