ब्यूरोचीफ, शैलेन्द्रसिंह बारडोली गुजरात
सोनगढ़ हाईवे से तीन रास्ता तक की सड़क पर गड्ढे या गड्ढों पर सड़क?: सालों से एकही जगह ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों के खिलाफ जांच की मांग।
बड़ी बड़ी चिमनीसे निकलने वाले धुएं से रोज़ाना होने वाले प्रदूषण, जो पर्यावरण और इंसानी सेहत के लिए बड़ा खतरा है, के बावजूद भाजपा सरकार डटी हुई है!!।आदिवासी इलाके से गुज़रने वाला सूरत-धुलिया स्टेट हाईवे चौबीसों घंटे गाड़ियों की आवाजाही से भरा रहता है। सोनगढ़ मेइन रोड से तीन रास्ता तक हाईवे पर भारी ओवर लोडिंग गाड़ियों का ट्रैफिक रहता है और सोनगढ़ शहरसे JK पेपरमिल थर्मल पावर और दूसरी यूनिट्समे रेत और सल्फर लेकर आने वाले भारी भारी वाहन मेन रोडसे अपने भारी ट्रेलर चला रहे हैं। लेकिन, अथॉरिटी के मगरमच्छ जैसी चमड़ी वाले अधिकारियों को सिर्फ़ जनता से टैक्स लेने और अपनी भ्रष्ट नितमें लिन रहने की दिलचस्पी है। सड़क की मौजूदा हालत देखकर ऐसा लगता है जैसे अधिकारी किसी बड़े जानलेवा हादसे का इंतज़ार करके बैठे हैं। लेकिन, सड़क की खराब हालत से परेशान जनता की परेशानी कब खत्म होगी?।
आदिवासी इलाके में माहौल खराब करने बैठी भाजपा सरकार को लोगों की परेशानी की कोई परवाह नहीं है, जिसकी वजह से सोनगढ़ नगर और सिंगापुर वाडी उखल्दा और बरडी पाड़ा डुमडा और थर्मल पावर जेके पेपरमिल की पावर यूनिट और नई यूनिट भी सिंगापुर से आने वाले रास्ता भारी वाहनों के लिए वरदान बन गया हैं। गौशाला से तीनों सड़कों को जोड़ने वाली डबल रोड तक की सड़क दो जगहों पर धूलकी चद्दर जैसा हो जाता है, जिससे स्थानीय लोगोंको अपना वाहन चलाने वालों को कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।अलग-अलग नेता हर दिन कई उद्घाटनों का रिबन काटने के लिए उसी सड़क पर निकलते हैं, लेकिन सूरदास की भूमिका में राजनीतिक कारणों से, राजमार्ग अधिकारी को अपनी कमजोरी से दबे हाथों कारण कुछ बोल नहीं सकते ऐसी मजबूरी स्थानीय नेताओं की वर्तमान में हो गईहैं। बजरी पत्थर रेत आरटीओ नियमों की अनदेखी की जा रही है, ओवरलोड भारी वाहनों 24 घंटे मे हजारों ट्रेलरो टैक्स चोरी करने का खुफिया रास्ते पर अपने भारी वाहनों दौड़ा रहे हैं, इसलिए अधिकारियों की हफ्ता सिस्टम से सरकार के करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी खुलेआम हो रही है, उसी वजहसे ये रास्ते पर डामर डालने के कुछही दिनोंमें रास्तेसे डामर गायब होता दिख रहा है और मौके से धूल फैली नजर आती है दुसरी ओर अधिकारियों की अपनी जेब भरने के लिए मरम्मत के नाम पर सरकारी खजाने से बार-बार लाखों रुपये लूटने की आदत के कारण, अच्छी दिखने वाली सड़क का डामर पंद्रह दिनों में गायब हो जाता है। यह भाजपा सरकार की ऐसे निम्न स्तर के कामों से अधिकारियों और स्थानीय नेताओं की जेब भरने की एक अलग योजना बनाई हुई जनता को लगरही है।


