गली-गली खुल रहीं लाइब्रेरी, हजारों छात्रों की जान जोखिम में टीम गठित कर इमारतों की जांच कराने की मांग ।
ब्यूरो रिपोर्ट
चन्दगीराम मिश्रा
हरदोई यूपी
हरदोई, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के नाम पर जनपद हरदोई से लेकर समस्त नगर क्षेत्रों के आसपास घनी आबादी वाले क्षेत्रों में इन दिनों लाइब्रेरी और स्टडी सेंटरों की बाढ़ सी आ गई है। बिना किसी निर्धारित मानक और सुरक्षा इंतजामों के संचालित हो रहे ये सेंटर छात्रों के लिए सुविधा से अधिक खतरे का सबब बनते जा रहे हैं। संकरी गलियों, बहुमंजिला भवनों और छोटे कमरों में संचालित इन लाइब्रेरी सेंटरों में अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन निकास द्वार, पर्याप्त वेंटिलेशन तथा पार्किंग जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है।नगर में कुकुरमुत्तों की तरह उग आए इन लाइब्रेरी सेंटरों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं अध्ययन करने पहुंचते हैं। कई स्थानों पर क्षमता से अधिक विद्यार्थियों को बैठाया जा रहा है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में भगदड़ मचने और बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अधिकांश लाइब्रेरी संचालकों ने न तो अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त किया है और ना ही भवनों की सुरक्षा संबंधी जांच कराई गई है। इसके बावजूद संबंधित विभाग आंखें मूंदे हुए हैं।
लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि जिला एवं नगर में संचालित सभी लाइब्रेरी एवं स्टडी सेंटरों का सर्वे कराया जाए और जो संस्थान निर्धारित मानकों के अनुरूप न हों, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके। जैसे हाल ही में अलीगंज लखनऊ में दर्द नाक हादसा हुआ जिसमें 15 छात्रों को अपनी जान गंवानी पड़ी वहीं शेष छात्रों का इलाज चल रहा है ऐसी स्थिति में संचालित विद्यालयों एवं महाविद्यालयों तथा छात्रों से संबंधित समस्त संसाधनों की इमारत को टीम बनाकर जांच करना अति आवश्यक है। जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

