सुनील गुप्ता फतेहपुर यूपी
डॉ. बी. आर. अम्बेडकर राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, फतेहपुर में टैबलेट वितरण कार्यक्रम सम्पन्न
उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी स्वामी विवेकानन्द युवा सशक्तिकरण योजना (DigiShakti) के अंतर्गत डॉ. बी. आर. अम्बेडकर राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, फतेहपुर में छात्राओं को टैबलेट वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम महाविद्यालय परिसर में अत्यंत उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में नगर की सम्मानित सभासद श्रीमती सरोज पाल उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार यादव ने की। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राध्यापिका प्रो. शकुन्तला, प्राध्यापक प्रो. प्रशांत द्विवेदी तथा डिजीशक्ति योजना के नोडल अधिकारी डॉ. राज कुमार सहित महाविद्यालय के अन्य शिक्षकगण एवं छात्राएँ उपस्थित रहीं।कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि एवं प्राचार्य द्वारा दीप प्रज्ज्वलन तथा सरस्वती वंदना के साथ किया गया। अपने संबोधन में प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार यादव ने कहा कि वर्तमान युग डिजिटल तकनीक का युग है और सरकार द्वारा प्रदान किए जा रहे टैबलेट विद्यार्थियों को ऑनलाइन शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, शोध कार्य तथा नवीन ज्ञान अर्जित करने में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करेंगे। उन्होंने छात्राओं को इन उपकरणों का सकारात्मक एवं शैक्षिक उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। मुख्य अतिथि श्रीमती सरोज पाल ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि डिजिटल संसाधनों की उपलब्धता से युवाओं के लिए ज्ञान और रोजगार के नए अवसर खुल रहे हैं। उन्होंने छात्राओं से तकनीक का सदुपयोग कर अपने शैक्षिक एवं व्यावसायिक लक्ष्यों को प्राप्त करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए प्रो० प्रशांत द्विवेदी ने योजना की जानकारी देते हुए छात्राओं को टैबलेट के उपयोग, रखरखाव तथा डिजिटल सुरक्षा संबंधी आवश्यक सुझाव प्रदान किए। उन्होंने बताया कि यह योजना विद्यार्थियों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। कार्यक्रम के दौरान पात्र 27 छात्राओं में से 19 उपस्थित छात्राओं को टैबलेट वितरित किए गए। छात्राओं ने सरकार एवं महाविद्यालय प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इस पहल को उनकी शिक्षा के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ० राज कुमार ने किया। यह कार्यक्रम छात्राओं को डिजिटल शिक्षा से जोड़ने तथा उन्हें तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ।
