TTN 24न्यूज
ब्युरोचीफ़, शैलेन्द्रसिंह बारडोली गुजरात
सुरत यूथ कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग BJP सरकार पेपर लीक माफिया को बचाती है, देश में शिक्षा व्यवस्था भ्रष्टाचार का अखाड़ा बन गई है: मेहुल रायका
NEET पेपर लीक कांड में शामिल माफिया को सख्त सजा देने और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सूरत शहर यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष मेहुल रायका के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया गया।देश में शिक्षा व्यवस्था भ्रष्टाचार का अखाड़ा बन गई है। NEET पेपर लीक के कारण देश में 22 लाख से ज्यादा और गुजरात में 85 हजार से ज्यादा छात्रों के भविष्य पर सवाल उठ खड़े हुए हैं। BJP सरकार पेपर लीक माफिया को बचा रही है। आम मिडिल क्लास छात्रों के भविष्य के साथ छेड़छाड़ की गई है।
होनहार छात्रों के सपने चकनाचूर हो गए हैं। आज देश में पेपर लीक एक गंभीर समस्या बन गई है। अगर पेपर लीक माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो देश की आने वाली पीढ़ी का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, अगर उनके नैतिक मूल्य सच्चे हैं, तो उन्हें जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए और इस्तीफा दे देना चाहिए। एक बार फिर, शिक्षा विभाग एक ट्रांसपेरेंट और भरोसेमंद एग्जामिनेशन सिस्टम बनाने में फेल रहा है। अगर यही हाल रहा तो देश की आने वाली पीढ़ी का भविष्य धूल में मिल जाएगा।यूथ कांग्रेस का आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक एग्जामिनेशन सिस्टम में ज़रूरी सुधार नहीं किए जाते और पेपर लीक के लिए ज़िम्मेदार लोगों के खिलाफ़ सख्त कार्रवाई नहीं की जाती। यूथ कांग्रेस ने ज़ोर देकर मांग की थी कि NTA को रद्द किया जाए और पेपर लीक कांड में शामिल सभी आरोपियों को सज़ा देने के लिए एक जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी (JPC) बनाई जाए।
सूरत सिटी यूथ कांग्रेस के प्रेसिडेंट मेहुल रायका ने कहा कि देश और राज्य में एजुकेशन सिस्टम करप्शन का अखाड़ा बन गया है। गुजरात में भी पेपर लीक की घटनाएं बार-बार सामने आ रही हैं, जिससे हज़ारों स्टूडेंट्स के साथ-साथ मेहनती और लगनशील युवाओं का भविष्य खराब हो रहा है। NEET पेपर लीक की घटना देश के लिए बहुत शर्म की बात है। मौजूदा केंद्र सरकार की नाकामी से डॉक्टर बनने का सपना देखने वाले लाखों स्टूडेंट्स के सपने टूट गए हैं। विरोध कर रहे यूथ कांग्रेस नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया ये ही सरकारकी असलियत सच्ची मांगे करने वालोको न्याय मांगने पर हिरासत मिलती है फिरभी कबतक जनता अन्याय के खिलाफ आवाज उठानेवाली जनता पुलिस दमन का शिकार होती रहेगी ओर कबतक संविधान की न्याय पालिका ये देखती रहेगी।उन्होंने आगे कहा कि अगर हालात ऐसे ही रहे तो देश का भविष्य खतरे में पड़ जाएगा। NEET पेपर लीक की वजह से गुजरात राज्य के 85 हज़ार से ज़्यादा स्टूडेंट्स के भविष्य पर असर पड़ा है और उनकी सालों की मेहनत बर्बाद हो गई है। मांग की गई कि सरकार पेपर लीक की जड़ तक जाए और ज़िम्मेदार लोगों के खिलाफ़ सख्त कार्रवाई करे और स्टूडेंट्स को इंसाफ़ दिलाए।
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, पढ़ेगा गुजरात बढ़ेगा, गुजरात शिक्षा व्यवस्था की सच्चाई कुछ ओर देखने को मिलती है असलियत सरकार की आंखों के सामने है, फिर भी शिक्षा के क्षेत्र में गुजरात आगे होनेका गर्व करने वाली गांधीनगर सरकार झूठ फैलाने वाले भाषण बंध करके शिक्षा के ज़रिए छात्रों के भविष्य की चिंता करे वोही बहुत है।

