संवाददाता हितेश कुमार जोशी
मुसलमानों को एक भी टिकट नहीं देते, अगर इंदिरा गांधी होतीं तो...', अशोक गहलोत का BJP पर हमला
जयपुर मे आज रविवार को मौलाना अबुल कलाम आजाद वेलफेयर सोसायटी, राजस्थान की ओर से रविवार को कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में नवाब दादा कायम खां शहीद दिवस एवं प्रतिभा सम्मान समारोह और 'कायम रत्न अवॉर्ड-2026' का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. समारोह में राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, लोकसभा सांसद इमरान मसूद, सांसद राहुल कस्वां, विधायक रफीक खान और अमीन कागजी सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे.अपने संबोधन के दौरान गहलोत ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकसभा की सभी सीटों पर चुनाव लड़ने वाली पार्टी एक भी मुस्लिम उम्मीदवार को चुनाव नहीं लड़ाती. उन्होंने कहा कि यदि इंदिरा गांधी आज होतीं तो ऐसी राजनीति करने वाली पार्टी पर प्रतिबंध लगाने तक का कदम उठा सकती थीं. उन्होंने कहा कि धर्म के नाम पर चुनाव नहीं लड़ा जा सकता, लेकिन धर्म के आधार पर समाज में तनाव और दंगे फैलाने का प्रयास किया जा रहा है.आज लोकतंत्र खतरे में है' समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि देश में लोकतंत्र खतरे में है और हालात बेहद गंभीर हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि अल्पसंख्यकों के साथ अन्याय और अत्याचार हो रहा है और उत्तर प्रदेश में अदालतों की टिप्पणियों के बावजूद बुलडोजर कार्रवाई जारी है. उन्होंने कहा कि न्यायपालिका भी दबाव में नजर आती है. गहलोत ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से नाम हटाने और मध्य प्रदेश में कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन के राज्यसभा नामांकन का उल्लेख करते हुए चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाए.BJP-RSS की विचारधारा खतरनाक'उन्होंने कहा कि देश किस दिशा में जा रहा है, यह कोई नहीं जानता. गहलोत ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और बीजेपी की विचारधारा खतरनाक है और उनकी आस्था महात्मा गांधी, सरदार पटेल और डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों में नहीं है. उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर पर दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों के साथ किसी भी प्रकार का अत्याचार होने पर उनके घर जाकर सहयोग करने का आह्वान किया.'इंडिया गठबंधन को मजबूत करने की जरूरत' अशोक गहलोत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिस देश में जाते हैं, वहां कुछ दिनों बाद हमले जैसी घटनाएं हो जाती हैं, ऐसे घटनाक्रम सामान्य नहीं हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी युवाओं के बीच लगातार जा रहे हैं और 17 जून को कोटा में नीट अभ्यर्थियों से संवाद करेंगे. गहलोत ने कहा कि इंडिया गठबंधन को और मजबूत करने की आवश्यकता है तथा जो दल कांग्रेस छोड़कर गए हैं, उन्हें वापस कांग्रेस में आना चाहिए.
'विपक्षी दलों को राहुल गांधी के नेतृत्व में होना चाहिए एकजुट'उन्होंने कहा, "देश की राजनीति में राहुल गांधी बनाम नरेंद्र मोदी की सीधी लड़ाई लोग देखना चाहते हैं और विपक्षी दलों को राहुल गांधी के नेतृत्व में एकजुट होना चाहिए." उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार के समय भ्रष्टाचार के झूठे आरोप लगाकर माहौल बनाया गया, मनमोहन सिंह सरकार को बदनाम किया गया और इंदिरा गांधी व राहुल गांधी के खिलाफ भी इसी तरह अभियान चलाए गए.'50 साल में ऐसा माहौल कभी नहीं देखा' पूर्व सीएम गहलोत ने कहा कि अब समय बीजेपी के खिलाफ सभी विपक्षी दलों के एकजुट होने का है. उन्होंने कहा कि 50 वर्षों के राजनीतिक जीवन में उन्होंने ऐसा माहौल पहले कभी नहीं देखा. यदि वर्तमान स्थिति बनी रही तो युवाओं का भविष्य प्रभावित होगा और इतिहास भी उनसे सवाल करेगा कि उस समय वे क्या कर रहे थे.लोकतंत्र को बचाने की क्षमता सिर्फ कांग्रेस में- मसूद इस अवसर पर सांसद इमरान मसूद ने कहा कि देश के लोकतंत्र को बचाने की क्षमता यदि किसी दल में है तो वह कांग्रेस है. उन्होंने पश्चिम बंगाल की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि देश और दुनिया ने देखा कि वहां लोकतंत्र के साथ क्या हुआ. उन्होंने नीट, सीबीएसई और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विवादों का जिक्र करते हुए कहा कि शिक्षा विभाग संकट में है मसूद ने कहा कि सांप्रदायिकता समाज के लिए जहर है और यदि नेतृत्व अशोक गहलोत जैसे लोगों के हाथ में रहेगा तो विकास के रास्ते खुलेंगे, अन्यथा केवल बुलडोजर की राजनीति होगी. उन्होंने आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण एसआईआर के नाम पर करोड़ों मतदाताओं के नाम वोटर सूची से हटाए गए हैं और वोट ही नागरिकों के अधिकारों की सबसे बड़ी ताकत है.
