45वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, बीरपुर द्वारा मानव तस्करी के प्रयास को किया गया विफल*
देखिये जुबैर अंसारी स्पेशल क्रोस्पोंडेंट ऑफ बिहार l
45वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, बीरपुर के द्वितीय कमान अधिकारी (कार्यवाहक कमांडेंट) श्री जगदीश कुमार शर्मा ने बताया कि सीमा क्षेत्र में मानव तस्करी की रोकथाम हेतु चलाए जा रहे सतत अभियान के क्रम में सीमा चौकी भीमनगर के जवानों ने मानव तस्करी के एक प्रयास को सफलतापूर्वक विफल किया। भारत-नेपाल अंतर्राष्ट्रीय चेक पोस्ट भीमनगर पर नियमित जांच एवं निगरानी ड्यूटी के दौरान नेपाल से भारत की ओर आ रही दो लड़कियों को संदेह के आधार पर रोककर उनके पहचान पत्रों की जांच की गई। पहचान पत्रों के सत्यापन एवं पूछताछ के दौरान दोनों द्वारा अलग-अलग एवं विरोधाभासी जानकारी दी गई तथा बार-बार अपने बयान बदलने के कारण संदेह और गहरा गया। इसके पश्चात गहन पूछताछ एवं जांच की गई।जांच के दौरान मामला मानव तस्करी से संबंधित प्रतीत हुआ। पूछताछ में एक युवती ने अपना नाम आरती कुमारी (उम्र 23 वर्ष), निवासी जिला मधुबनी, बिहार बताया। जांच में यह भी पता चला कि उसके साथ एक 14 वर्षीय नाबालिग लड़की थी, जिसे नौकरी का प्रलोभन देकर नेपाल से भारत लाया जा रहा था।घटना की गंभीरता को देखते हुए वाहिनी के मानव तस्करी विरोधी दल तथा सर्वो प्रयास संस्था, मधुबनी एवं जागरण कल्याण भारती, फारबिसगंज के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की गई। तत्पश्चात संबंधित महिला एवं नाबालिग लड़की को अग्रिम कार्रवाई हेतु थाना भीमनगर, जिला सुपौल को सुपुर्द कर दिया गया।
इस कार्रवाई में सशस्त्र सीमा बल के सहायक उप निरीक्षक मोहनलाल सहित अन्य कार्मिकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
45वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, बीरपुर सीमावर्ती क्षेत्रों में मानव तस्करी, अवैध गतिविधियों एवं सीमा अपराधों की रोकथाम के लिए प्रतिबद्द है l
