TTN 24न्यूज
ब्यूरो रिपोर्ट,भवानीपुर
लोकसभा में संसदीय कार्य मंत्री और रक्षामंत्री ने भले ही प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री को परोक्ष रूप से जादूगर कहने पर आपत्ति की हो किंतु मोदी जी सचमुच जादूगर हैं. दलदल में धंसी भारतीय अर्थव्यवस्था को बाहर निकालने की अपील का जादू सबसे पहले भारतीय शेयर बाजार पर हुआ है.यहाँ एक झटके में ₹6 लाख करोड़ स्वाहा! हो गए।मोदी जी के आव्हान से देश में हाहाकार जब मचेगा तब मचेगा लेकिन शेयर बाजार में हाहाकार मचते ही सेंसेक्स 1,313 अंक लुढ़का, रुपये रेकॉर्ड घरेलू शेयर बाजार में भारी गिरावट आई। बीएसई सेंसेक्स 1,300 अंक से अधिक लुढ़क गया जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी50 इंडेक्स 24,000 अंक से नीचे आ गया। पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीदों को झटका लगने से बाजार में गिरावट आई है।
दुसरी ओर एशिया में शांति की उम्मीदों को झटका लगने से आज घरेलू शेयर बाजार में भारी गिरावट आई। बीएसई सेंसेक्स 1,312.91 अंक यानी 1.70 फीसदी गिरावट के साथ 76,015.28 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 इंडेक्स भी 360.30 अंक यानी 1.49 प्रतिशत फिसलकर 23,815.85 अंक पर आ गया। इस बीच भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 0.88 फीसदी गिरावट के साथ 95.31 के रेकॉर्ड लो पर बंद हुआ। इस गिरावट से बीएसई लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप करीब 6 लाख करोड़ रुपये गिरकर 467 लाख करोड़ रुपये रह गया।
मोदीजी ने जनता से तो बचत की अपील की और खुद सोमननाथ में रोड शो कर पेट्रोल का ऐसा धुआँ उडाया कि जनता अभिभूत हो गई. मोदीजी आपसे एक साल तक विदेश न जाने की अपील कर जनता द्वारा की जा रही बचत के भरोसे 15 मयी से पांच देशों के दौरे पर जा रहे हैं. मोदीजी को आप बचत के लिए मजबूर नहीं कर सकते. वे आखिर प्रधानमंत्री हैं. उनके आगे नन नाथ है और न पीछे पगहा।
खाडी युद्ध के वजह दुनिया के तमाम देशों की अर्थव्यवस्था लडखडाई लेकिन पर किसी देश के पंत प्रधान ने मोदी जी की तरह कम तेल लगाने, खाने, सोना न खरीदें और विदेश न जाने की अपील नहीं की. लेकिन मोद से नहीं रहा गया. वे अपील करते ही क्योंकि उन्हे पता है कि उनके अंधभक्त उनके इशारे पर कटौती क्या जान भी दे सकते हैं.मोदीजी को पद पर बनाए रखने के लिए हम कुछ भी कर सकते हैं.
मोदीजी एक दिव्य नेता हैं. वे अपने उपर अपना ही जादू नहीं चला सकते अन्यथा जादू बेकार हो।
जाएगा.उनका जादू जनता पर चलता है. विपक्ष पर चलता है.पिछले 10 साल (लगभग 2015-2025 या 2014-2024/26 तक नरेंद् मोदी जी ने कुल ~99 अंतरराष्ट्रीय यात्राएं (मई 2026 तक) 79 देशों में की.है।इस अवधि में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग कुल ~56 अंतरराष्ट्रीय यात्राएं कर 71 देशों मे ही जा सके.
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पिछले 10 साल में -60 यात्राएं करने की हिम्मत जुटा सके.अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सबसे कम 24 देशों की यात्रा की लेकिन पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया.जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा , 32 देश ही जा सके.
इस तरह पेट्रोल पानी की तरह भारत के प्रधानमंत्री मोदी जी लगात उडने के मामलों में विश्वगुरु साबित हुए. ये आंकडे देखकर आप तय कर सकते हैं कि आपको मोदीजी की बात आपको मानना है या नहीं.
