झारखंड अधिविद्य परिषद् की माध्यमिक परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को किया गया सम्मानित।
100 प्रतिशत दिव्यांग छात्र ने रचा इतिहास, दिव्यांग कोटि में स्टेट टॉपर बन गोड्डा का बढ़ाया मान, जिले के लिए बना रोल मॉडल।
राजकुमार किशोर
प्रखंड ठाकुरगंगटी
दिनांक 30 अप्रैल 2026 को डीआरडीए स्थित सभागार में जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त, गोड्डा लोकेश मिश्रा की अध्यक्षता में एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर झारखंड अधिविद्य परिषद्, राँची द्वारा आयोजित माध्यमिक परीक्षा सत्र 2025-26 में जिले के स्तर पर रैंक 01 से 10 तक स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।उक्त कार्यक्रम के दौरान जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त, गोड्डा लोकेश मिश्रा द्वारा जिले के शिवाजी नगर निवासी 100 प्रतिशत दिव्यांग (सेरेब्रल पाल्सी) छात्र मो. फैजानुल्लाह को 10वीं बोर्ड परीक्षा में 93.80 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि उक्त छात्र ने दिव्यांग कोटि में राज्य टॉपर बनकर गोड्डा का नाम पूरे झारखंड में रोशन किया है। उन्होंने कुल 500 अंकों में 469 अंक प्राप्त कर प्रथम श्रेणी से परीक्षा उत्तीर्ण की है। उनकी यह उपलब्धि जिले के लिए प्रेरणादायक है तथा वे अन्य विद्यार्थियों के लिए रोल मॉडल के रूप में उभरे हैं। जन्म से शारीरिक रूप से अक्षम होने के कारण मो. फैजानुल्लाह हाथों से लिख पाने में असमर्थ हैं, बावजूद इसके उन्होंने कभी अपनी दिव्यांगता को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। कठिन परिस्थितियों के बीच उन्होंने निरंतर परिश्रम आत्मविश्वास और मजबूत इच्छाशक्ति के बल पर यह मुकाम हासिल किया। दिव्यांग कोटि में राज्य स्तर पर शीर्ष स्थान प्राप्त करना उनके संघर्ष और समर्पण की एक उत्कृष्ट मिसाल है। उन्होंने बताया कि मो. फैजानुल्लाह की पढ़ाई होम-बेस्ड एजुकेशन के तहत संचालित हुई। इस योजना के अंतर्गत शिक्षकों द्वारा उनके घर जाकर नियमित रूप से पढ़ाई कराई जाती थी। सीमित संसाधनों एवं शारीरिक चुनौतियों के बावजूद उनकी पढ़ाई के प्रति लगन निरंतर बनी रही।
इसी का परिणाम है कि उन्होंने झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) की 10वीं परीक्षा में उर्दू में 96, हिंदी में 90, गणित में 98, विज्ञान में 93, सामाजिक विज्ञान में 92 तथा अंग्रेजी में 84 अंक प्राप्त कर सभी विषयों में ए+ ग्रेड हासिल किया। इस सफलता के पीछे उनके परिवार एवं शिक्षकों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनके पिता मो. अनवर आलम एवं माता नजीमा ने हर कदम पर उनका मनोबल बढ़ाया। वहीं रिसोर्स शिक्षक जितेंद्र कुमार भगत (प्रखंड संसाधन केंद्र गोड्डा) द्वारा नियमित रूप से उनके घर जाकर अध्ययन कराया जाता था। विशेष शिक्षण सहयोग एवं व्यक्तिगत मार्गदर्शन ने उनकी सफलता की मजबूत नींव रखी। कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त द्वारा जिले के अन्य विद्यालयो के अलावा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के रैंक 01 से 10 तक स्थान प्राप्त करने वाले सभी सफल छात्र-छात्राओं को प्रमाण-पत्र एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि न केवल विद्यार्थियों के कठिन परिश्रम का परिणाम है, बल्कि उनके शिक्षकों एवं अभिभावकों के समर्पण और मार्गदर्शन का भी प्रतिफल है।

