*न्यूज़ पैकेज - बोकारो सिविल कोर्ट*
*रिपोर्ट: अधिवक्ता राजेश कुमार, नेशनल ब्यूरो हेड एवं लीगल एडवाइजर*
*🔴 हेडलाइन
*1. प्राइम हेडलाइन:*
*"किशोरी के आंसुओं ने पहुंचाया दरिंदे को कालकोठरी: बोकारो कोर्ट ने सुनाई 10 साल की सजा, कहा - बच्चियों पर जुर्म करने वालों से कोई रहम नहीं"*
*2. टीवी स्क्रॉल हेडलाइन:*
*बोकारो में त्वरित न्याय | 16 साल की किशोरी से रेप का प्रयास | आरोपी धनंजय सिंह को 10 साल कैद | POCSO कोर्ट का सख्त फैसला*
*3. सोशल मीडिया हेडलाइन:*
*#JusticeForDaughter: बोकारो में 10 साल की सजा | किशोरी की हिम्मत से दरिंदा पहुंचा जेल | ADJ देवेश कुमार त्रिपाठी का ऐतिहासिक फैसला*
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*📍 पूरी न्यूज़ *
*एंकर लिंक:*
बोकारो से एक बड़ी खबर आ रही है जहां 16 साल की किशोरी के साथ रेप के प्रयास के मामले में कोर्ट ने त्वरित और सख्त फैसला सुनाया है। आरोपी को 10 साल की कठोर सजा मिली है। कोर्ट ने साफ कहा कि बच्चियों के खिलाफ अपराध करने वालों के साथ कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।
*पूरी खबर:*
*बोकारो:* जिले की ए.डी.जे. तृतीय सह विशेष पॉक्सो कोर्ट ने 16 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म के प्रयास के मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। न्यायाधीश देवेश कुमार त्रिपाठी की अदालत ने आरोपी धनंजय सिंह को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
*## कोर्ट का सख्त रुख: "बच्चियों पर जुर्म करने वालों से कोई रहम नहीं"*
फैसले के दौरान न्यायाधीश त्रिपाठी ने टिप्पणी की कि महिलाओं और बच्चियों के विरुद्ध अपराध समाज के लिए कलंक है। ऐसे मामलों में अदालत की जीरो टॉलरेंस नीति रहेगी।
*## विभिन्न धाराओं में मिली सजा*
स्पेशल लोक अभियोजक रविशंकर चौधरी ने बताया कि कोर्ट ने आरोपी को तीन धाराओं में सजा दी है:
- *BNS की धारा 65(1)/62*: 10 वर्ष कठोर कारावास + जुर्माना न देने पर 1 वर्ष अतिरिक्त कैद
- *पॉक्सो एक्ट धारा 8*: 4 वर्ष सश्रम कारावास + जुर्माना न देने पर 6 माह अतिरिक्त कैद
- *पॉक्सो एक्ट धारा 12*: 3 वर्ष सश्रम कारावास + जुर्माना न देने पर 6 माह अतिरिक्त कैद
*## 6 गवाहों ने खोली दरिंदगी की पोल*
अभियोजन पक्ष ने मामले को साबित करने के लिए 6 गवाह पेश किए। इसमें पीड़िता का बयान, उसकी मां का बयान, जांच अधिकारी की गवाही और मेडिकल रिपोर्ट सबसे अहम रहे। पीड़िता की हिम्मत और साफ बयान ने केस को मजबूत किया।
*## क्या था पूरा मामला?*
27 सितंबर 2025 को बालीडीह थाना क्षेत्र में यह घटना हुई। पीड़िता के माता-पिता मजदूरी करने गए थे। घर में पीड़िता और उसकी बड़ी बहन अकेली थीं। आरोपी धनंजय सिंह घर आया और पानी पीने के बहाने किशोरी को घर के पीछे निर्माणाधीन कमरे में ले गया। वहां उसने किशोरी के साथ जबरदस्ती की कोशिश की।
*## बड़ी बहन बनी फरिश्ता*
जब पीड़िता चिल्लाई तो आरोपी ने उसका गला दबाकर जान से मारने की धमकी दी। तभी छत पर मौजूद पीड़िता की बड़ी बहन आवाज सुनकर नीचे आई। उसे देखकर आरोपी मौके से भाग गया। शाम को माता-पिता के लौटने पर पीड़िता ने रोते हुए पूरी आपबीती बताई। इसके बाद बालीडीह थाने में FIR दर्ज हुई।
*## एक साल में मिला इंसाफ*
घटना के करीब 8 महीने के अंदर ही कोर्ट ने ट्रायल पूरा कर सजा सुना दी। इससे पीड़ित परिवार को बड़ी राहत मिली है।
1. *VO*: बोकारो सिविल कोर्ट की बिल्डिंग, ADJ कोर्ट का बोर्ड
2. *GFX*: सजा की डिटेल - 10 साल + 4 साल + 3 साल
3. *बाइट*: SPP रविशंकर चौधरी - "कोर्ट का फैसला स्वागत योग्य है"
4.: कोर्ट परिसर, पुलिस, कानून की किताब
*टैगलाइन:*
_"किशोरी की हिम्मत, बहन की सूझबूझ और कानून की ताकत - दरिंदा पहुंचा जेल"_
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*नोट*: न्यूज़ में पीड़िता की पहचान उजागर नहीं की गई है। POCSO एक्ट के तहत नाबालिग की पहचान गोपनीय रखना अनिवार्य है।
