बिहार में इंसानियत की कब्र खोद दी गई: अररिया जिले में खुलेआम गर्दन काटने की जघन्य घटना – डबल इंजन सरकार की नाकामी और जनता की चुप्पी
लेखक: अधिवक्ता राजेश कुमार
नेशनल हेड और लीगल एडवाइजर, TTN24 नेशनल न्यूज चैनल
दोस्तों, आज मैं आपको एक ऐसी वीडियो दिखाने जा रहा हूँ जिसे देखकर हर संवेदनशील इंसान का खून खौल उठेगा। बिहार के अररिया जिले में दिनदहाड़े एक व्यक्ति की गर्दन को बेरहमी से काटकर अलग कर दिया गया। हत्यारा खुलेआम, बिना किसी डर के, पूरे इलाके में यह जघन्य अपराध कर रहा था। और सबसे दर्दनाक बात – सैकड़ों लोग वहाँ से गुजरते रहे, कुछ रुककर तमाशा देखते रहे, जैसे कोई सर्कस का खेल चल रहा हो। कोई पुलिस नहीं, कोई प्रशासन नहीं, कोई मदद करने वाला नहीं। सिर्फ़ नजरें ताकते हुए लोग।यह वीडियो देखकर सवाल उठता है – क्या हमारी इंसानियत मर चुकी है? क्या आँखों में आँसू सूख गए हैं? क्या शर्म का नामोनिशान भी बाकी नहीं रहा? अररिया के लोगों को अपने सामने इतना बड़ा अपराध होते देखकर भी चुपचाप चले जाना शर्म की बात है। एक इंसान दूसरे इंसान की गर्दन काट रहा है और बाकी सब “मुख्य दर्शक” बनकर खड़े हैं। यह दृश्य बिहार की पूरी व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा देता है।
डबल इंजन सरकार का क्या हाल है?
केंद्र और राज्य दोनों जगह एक ही गठबंधन की सरकार है – जिसे “डबल इंजन” कहकर गुणगान किया जाता था। लेकिन आज बिहार की सड़कों पर खुलेआम हत्या हो रही है, गर्दन काटी जा रही है, और सरकार, पुलिस, प्रशासन सब मौन हैं। नेता मस्ती में हैं, जनता त्रस्त है। पुलिस कहाँ थी? प्रशासन कहाँ था? क्या इतना बड़ा अपराध होने के बावजूद अभी तक कोई बड़ा एक्शन लिया गया? क्या FIR दर्ज हुई? क्या हत्यारे को तुरंत गिरफ्तार किया गया? या फिर जैसे हमेशा होता है – मामला दबा दिया जाएगा?
बिहार की कानून व्यवस्था आज पूरी तरह चरमरा चुकी है। अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं, जनता डरी हुई है। एक घटना नहीं, यह सिलसिला लगातार चल रहा है। लेकिन सरकार की नींद नहीं टूट रही।
जनता की भूमिका भी कम नहींसिर्फ़ सरकार को दोष देना पर्याप्त नहीं। जब लोग खुद अपराध देखकर भी चुप रहते हैं, वीडियो बनाते हैं, तमाशा देखते हैं और आगे बढ़ जाते हैं, तो यह समाज की सामूहिक इंसानियत की हत्या है। आँखों का पानी सूख गया है। शर्म का भाव खत्म हो गया है। अगर हम सब मिलकर आवाज़ उठाएँ, अपराधी को घेर लें, पुलिस को बुलाएँ, तो शायद ऐसी घटनाएँ रुक सकें। लेकिन आज हर कोई “अपना काम” देख रहा है।
मेरा सवाल सरकार से
अररिया जिले के इस जघन्य अपराध पर मुख्यमंत्री और गृह मंत्री क्या कार्रवाई कर रहे हैं?
डबल इंजन सरकार का “सुरक्षा” वाला दावा अब कहाँ गया?
क्या बिहार में अब खुलेआम गर्दन काटना भी सामान्य हो गया है?
TTN24 नेशनल न्यूज चैनल के माध्यम से मैं इस घटना की पूरी निगरानी रखूँगा। हम इस वीडियो को पूरे देश तक पहुँचाएँगे। जनता को जगाएँगे। और कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं।
अंत में एक अपील
अररिया के लोगों से, बिहार के हर नागरिक से – अगर आपके सामने ऐसा अपराध हो तो चुप मत रहिए। वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डालने से पहले मदद कीजिए। इंसानियत जिंदा रखिए।
इंसानियत मरी नहीं है, बस सो रही है। इसे जगाने की ज़िम्मेदारी हम सबकी है।
अधिवक्ता राजेश कुमार
नेशनल हेड TTN 24 नेशनल न्यूज़ चैनल, लीगल एडवाइज
