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रामगढ़ से विशेष रिपोर्ट
ब्यूरो नेशनल हेड एवं लीगल एडवाइजर अधिवक्ता राजेश कुमार की रिपोर्ट
‘विश्व पृथ्वी दिवस’ पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार, रामगढ़ का जागरूकता अभियान
रामगढ़, 22 अप्रैल।
‘विश्व पृथ्वी दिवस’ के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार, रामगढ़ द्वारा जिले के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (NALSA), नई दिल्ली एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, राँची द्वारा जारी वार्षिक कैलेंडर के अनुरूप संपन्न हुआ।कार्यक्रम का आयोजन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, रामगढ़, श्री मोहम्मद तौफीकुल हसन तथा सचिव श्री अनिल कुमार के मार्गदर्शन में एस.एस. प्लस 2 हाई स्कूल, रामगढ़, प्राथमिक विद्यालय वनतारा एवं गोला क्षेत्र में किया गया।
इस अवसर पर उपस्थित बच्चों एवं ग्रामीणों को संबोधित करते हुए चीफ एल.ए.डी.सी. श्री सुजीत कुमार सिंह ने बताया कि प्रत्येक वर्ष 22 अप्रैल को ‘विश्व पृथ्वी दिवस’ मनाया जाता है, जिसका मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना और लोगों को पृथ्वी की सुरक्षा के लिए प्रेरित करना है। इस वर्ष का विषय ‘हमारी शक्ति, हमारी पृथ्वी’ रखा गया है।
उन्होंने कहा कि पृथ्वी हमें जीवन के लिए आवश्यक सभी संसाधन प्रदान करती है—शुद्ध वायु, स्वच्छ जल, उपजाऊ भूमि और प्राकृतिक संपदा। किंतु मानव की लापरवाही और प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन के कारण आज पृथ्वी गंभीर संकट का सामना कर रही है।
कार्यक्रम में पर्यावरण से जुड़ी प्रमुख समस्याओं जैसे प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग, जलवायु परिवर्तन, वनों की कटाई एवं जैव विविधता के क्षरण पर विस्तार से चर्चा की गई। बताया गया कि औद्योगिक धुआँ, वाहनों की बढ़ती संख्या तथा प्लास्टिक का अत्यधिक उपयोग पर्यावरण को लगातार प्रदूषित कर रहे हैं, जिससे पृथ्वी का तापमान बढ़ रहा है और प्राकृतिक संतुलन बिगड़ रहा है।
वक्ताओं ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग के कारण ग्लेशियर पिघल रहे हैं, समुद्र का जलस्तर बढ़ रहा है और मौसम में असामान्य परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं, जिससे बाढ़ और सूखे जैसी आपदाओं की घटनाएँ बढ़ रही हैं।
हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि समय रहते सामूहिक प्रयास किए जाएं तो इस संकट को टाला जा सकता है। इसके लिए दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव अत्यंत आवश्यक हैं, जैसे अधिक से अधिक वृक्षारोपण, जल संरक्षण, प्लास्टिक का कम उपयोग, ऊर्जा की बचत तथा स्वच्छता बनाए रखना।कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया और पेड़ लगाने, जल एवं ऊर्जा की बचत करने तथा प्रदूषण कम करने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का वचन दिया।
इसी क्रम में एल.ए.डी.सी. असिस्टेंट श्री अभिनव कुमार ने बच्चों को पोक्सो अधिनियम के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि यह कानून 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को यौन शोषण एवं उत्पीड़न से सुरक्षा प्रदान करता है और यह पूर्णतः जेंडर न्यूट्रल है।
कार्यक्रम में एस.एस. प्लस 2 हाई स्कूल, रामगढ़ की प्रधानाचार्य श्रीमती पूनम अग्रवाल, शिक्षकगण एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अधिकार मित्र—विनोद कुमार महतो, रामदेव महतो, अशोक ठाकुर, उमेश गुप्ता, टिकेश्वर महतो, पूनम देवी, पूनम कुमारी, अमर नायक एवं मीना कुमारी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।निष्कर्ष
‘विश्व पृथ्वी दिवस’ के अवसर पर आयोजित यह जागरूकता कार्यक्रम न केवल पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने में सफल रहा, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों, विशेषकर बच्चों में जिम्मेदारी की भावना विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और स्वच्छ पर्यावरण सुनिश्चित करने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है।


