लोकेशन: बोकारो | विशेष रिपोर्ट
नेशनल ब्यूरो हेड एवं लीगल एडवाइजर अधिवक्ता राजेश कुमार की कलम से
विधिक जागरूकता से सशक्त समाज की ओर बढ़ता बोकारो
बोकारो, 12 अप्रैल 2026 — न्याय केवल अदालतों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के हर वर्ग तक पहुँचना चाहिए। इसी उद्देश्य को साकार करने के लिए झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (JHALSA), रांची के निर्देशों एवं अनुमोदित गतिविधि कैलेंडर 2026 के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकार, बोकारो द्वारा व्यापक विधिक जागरूकता एवं जनहित कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया गया।माननीय श्री अनिल कुमार मिश्रा, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, बोकारो के मार्गदर्शन में आयोजित इन कार्यक्रमों ने समाज के कमजोर, वंचित और निरुद्ध वर्गों तक न्याय की पहुँच को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल प्रस्तुत की।
जिला जेल, चास में बंदियों के अधिकारों पर विशेष जोरकार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 10:00 बजे जिला जेल, चास से हुई, जहाँ एक सघन विधिक जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान बंदियों को नालसा (NALSA) के दिशा-निर्देशों के तहत समयपूर्व रिहाई (Pre-Mature Release) से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
विशेष रूप से Suhas Chakma vs Union of India के संदर्भ में बंदियों के मौलिक अधिकारों, विधिक प्रतिनिधित्व की अनिवार्यता तथा जमानत आदेश के बावजूद रिहाई में आने वाली बाधाओं पर प्रकाश डाला गया।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य ऐसे बंदियों की पहचान करना था जिन्हें अब तक उचित विधिक सहायता नहीं मिल सकी है।
सहयोग विलेज में बच्चों और संरक्षित वर्गों के लिए जागरूकतापूर्वाह्न 11:00 बजे चास स्थित प्लेस फॉर सेफ्टी/सहयोग विलेज में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहाँ बच्चों, संरक्षण गृह में रह रहे व्यक्तियों एवं संबंधित हितधारकों को विभिन्न नालसा योजनाओं की जानकारी दी गई।
इस दौरान निम्न प्रमुख योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई:
Child Friendly Legal Services for Children Scheme, 2024
NALSA JAGRITI Scheme
NALSA DAWN Scheme
निःशुल्क विधिक सहायता एवं मध्यस्थता (Mediation)
इन योजनाओं का उद्देश्य न केवल विधिक जानकारी देना है, बल्कि समाज के संवेदनशील वर्गों को आत्मनिर्भर और जागरूक बनाना भी है।
न्याय को सरल भाषा में समझाने की पहलकार्यक्रम में न्यायिक एवं विधिक क्षेत्र से जुड़े कई गणमान्य व्यक्तियों की सक्रिय भागीदारी रही। इनमें सी.जे.एम. श्री मनोरंजन कुमार, सहायक LADC सुश्री भव्या सुमन एवं श्री संतोष श्रीवास्तव, तथा पारा लीगल वालंटियर्स शामिल थे।
टीम ने प्रतिभागियों को सरल और सहज भाषा में विधिक अधिकारों, सहायता प्रक्रियाओं और योजनाओं की जानकारी देकर यह सुनिश्चित किया कि जानकारी केवल औपचारिक न रहकर व्यवहारिक रूप से उपयोगी बने।
निष्कर्ष: न्याय की पहुँच को सशक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम
जिला विधिक सेवा प्राधिकार, बोकारो द्वारा आयोजित ये कार्यक्रम केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि न्याय को जन-जन तक पहुँचाने की एक गंभीर और प्रभावी पहल हैं।
यह संदेश स्पष्ट रूप से सामने आया कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने का अधिकार है, और इसके लिए प्रशासनिक एवं विधिक तंत्र पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
वर्तमान समय में जब समाज के कई वर्ग अब भी न्यायिक प्रक्रियाओं से अनभिज्ञ हैं, ऐसे जागरूकता अभियान न केवल जानकारी देते हैं, बल्कि विश्वास भी जगाते हैं कि न्याय वास्तव में सबके लिए सुलभ है।
(लेखक: नेशनल ब्यूरो हेड एवं लीगल एडवाइजर अधिवक्ता राजेश कुमार)



