Etawah News: रामकथा में शिव विवाह प्रसंग सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु, पंडाल में गूंजे बधाई गीत
रिपोर्ट एम एस वर्मा, मनोज कुमार TTN 24 NEWS
जसवंतनगर। क्षेत्र के गांव कटेखेड़ा में चल रहे नौ दिवसीय रामकथा ज्ञान यज्ञ में सोमवार को भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथा वाचक महंत गणेश दास जी ने श्रद्धालुओं को शिव विवाह की कथा सुनाते हुए बताया कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें पत्नी रूप में स्वीकार किया और भव्य विवाह संपन्न हुआ।महंत गणेश दास जी ने बताया कि जब भगवान शिव बारात लेकर हिमालय नगरी पहुंचे तो उनकी बारात का स्वरूप बड़ा अद्भुत था। बारात में देवता, ऋषि-मुनि, गण और भूत-प्रेत भी शामिल थे। शिवजी का यह अनोखा स्वरूप देखकर माता पार्वती की माता मैना देवी कुछ क्षणों के लिए चिंतित हो उठीं, लेकिन भगवान विष्णु और ब्रह्मा ने उन्हें शिव के वास्तविक दिव्य स्वरूप का दर्शन कराया। इसके बाद बड़े धूमधाम से भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह संपन्न हुआ। इस पावन प्रसंग पर देवताओं ने आकाश से पुष्प वर्षा की और चारों ओर मंगल गीत गूंज उठे।
कथा के दौरान भूतनाथ के विवाह प्रसंग का वर्णन सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और बधाई गीतों के उद्घोष से पूरा पंडाल गूंज उठा। इस अवसर पर सुंदर झांकियां भी सजाई गईं, जिन्हें देखकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए।
कार्यक्रम में परीक्षित की भूमिका सुदामा देवी और जगदीश यादव ने निभाई। वहीं आयोजन की व्यवस्थाएं आदेश, दुर्वेश, संदेश, विनेश, बिंटू, रवि, पंकज, अजय, सतेंद्र, सौरभ, दिव्यांश, कृष्णा, प्रिंस और लव सहित अन्य युवाओं ने संभाली। कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और सभी ने भक्ति भाव से कथा का श्रवण किया। आयोजन समिति ने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से कथा में पहुंचकर धर्म लाभ लेने की अपील की।
फोटो:-गाँव कटेखेड़ा में आयोजित रामकथा में शिवविवाह की कथा सुनाते महंत गणेश दास जी।
