Etawah News: रामकथा में राम विवाह व धनुष भंग प्रसंग सुन श्रद्धालु हुए भावविभोर, मंगल गीतों से गूंजा पंडाल
रिपोर्ट एम एस वर्मा, मनोज कुमार TTN 24 NEWS
जसवंतनगर। क्षेत्र के गांव कटेखेड़ा में चल रहे नौ दिवसीय रामकथा ज्ञान यज्ञ के तृतीय दिवस मंगलवार को राम विवाह एवं धनुष भंग का प्रसंग बड़े ही भावपूर्ण ढंग से सुनाया गया। कथा वाचक महंत गणेश दास जी ने भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े इस महत्वपूर्ण प्रसंग का वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को भक्ति और मर्यादा का संदेश दिया।उन्होंने बताया कि मिथिला नरेश जनक ने अपनी पुत्री सीता के स्वयंवर में शिव धनुष उठाने की शर्त रखी थी, जिसे बड़े-बड़े राजा-महाराजा भी नहीं उठा सके। तब गुरु विश्वामित्र की आज्ञा से भगवान श्रीराम ने सहज भाव से शिव धनुष उठाया और प्रत्यंचा चढ़ाते ही वह धनुष भंग हो गया। यह दृश्य देखकर जनकपुरी में हर्ष का वातावरण छा गया और भगवान राम व माता सीता का विवाह बड़े ही धूमधाम से संपन्न हुआ।
महंत गणेश दास जी के भावपूर्ण वर्णन को सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और मंगल गीतों के उद्घोष से पूरा पंडाल गूंज उठा। इस अवसर पर सुंदर झांकियां भी सजाई गईं, जिन्हें देखकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए।
कार्यक्रम में परीक्षित की भूमिका सुदामा देवी और जगदीश यादव ने निभाई। आयोजन की व्यवस्थाएं आदेश, दुर्वेश, संदेश, विनेश, बिंटू, रवि, पंकज, अजय, सतेंद्र, सौरभ, दिव्यांश, कृष्णा, प्रिंस और लव सहित अन्य युवाओं ने संभाली।
कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और सभी ने भक्ति भाव से कथा का श्रवण किया। आयोजन समिति ने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर रामकथा सुनने और धर्म लाभ लेने की अपील की।
फोटो:-गांव कटेखेड़ा में आयोजित रामकथा में राम विवाह व धनुष भंग का प्रसंग सुनाते कथा वाचक महंत गणेश दास जी।
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