Type Here to Get Search Results !
BREAKING
विज्ञापन
TTN24 न्यूज चैनल समस्त राज्यों से डिवीजन हेड, मार्केटिंग हेड एवं ब्यूरो रिपोर्टर बनने के लिए शीघ्र संपर्क करें — 📞 +91 9956072208, +91 9454949349, ✉️ ttn24officialcmd@gmail.com — साथ ही चैनल की फ्रेंचाइजी एवं TTN24 पर स्लॉट लेने के लिए संपर्क करें — 📞 +91 9956897606 — ☎️ 0522 3647097 | आपका पसंदीदा हिंदी न्यूज चैनल TTN24 अब उपलब्ध है सभी डिजिटल केविल नेटवर्क पर — जिओ टीवी, जिओ फाइबर चैनल नंबर 543, टाटा प्ले चैनल नंबर 2075, E-star डिजिटल केविल चैनल नंबर 201, DTH लाइव टीवी, स्मार्ट टीवी, एवं सभी एंड्रॉइड बेस्ड ओटीटी प्लेटफार्म एवं यूट्यूब फेसबुक Live 24x7. चैनल से जुड़ने के लिए शीघ्र संपर्क करें — 📞 +91 9956072208 | Head Office : llnd Floor Regency Tower, Shivaji Marg, Hussainganj, Lucknow (U.P.) 226018. Managing Director : Avneesh Dwivedi — 📞 +91 9956072208, +91 9794009727. समाचार, विज्ञापन एवं चैनल में किसी प्रकार की शिकायत एवं सुझाव के लिए कॉल करें — 📞 +91 9956072208

ब्राह्मणों को सताना तो देवताओं का भी क्षय कर देता है: आचार्य श्री पुरुषोत्तम दास त्यागी जी महाराज

ब्राह्मणों को सताना तो देवताओं का भी क्षय कर देता है: आचार्य श्री पुरुषोत्तम दास त्यागी जी महाराज

🙏🙏🌹🌹🌹🙏🙏🌹🌹

         "सादर जय सियाराम"

"नवनीतं हृदयं ब्राह्मणस्य बाचि क्षुरो निहितस्तीक्ष्ण धार:" महाभारतम्-आदिपर्व- 3।123

ब्राह्मणनां परिकेल्शो देवतान्यपि सादयेत् महाभारतम् वनपर्व 2।4।

ब्राह्मणों को सताना तो देवताओं का भी क्षय कर देता है ।

वेद : पश्यन्ति ब्राह्मणा: महाभारतम् उद्योतपर्व 34।34

ब्राह्मण वेद रुपी आंख से देखते हैं ।

अर्थात ब्राह्मण का आंख वेद है ।

वेदाध्ययन से ब्राह्मण की श्रेष्ठता है ।

ब्राह्मण को नित्य स्वध्याय करना चाहिए ।

ब्राह्मण में सदैव सत्य स्थाई होता है ।

चार पैरो वाली में गों उत्तम है ।

धातुओं में सोना उत्तम है ।

दो पायों में ब्राह्मण उत्तम है श्रेष्ठ है ।

ब्राह्मण जन्म से ही पृथ्वी का स्वामी होता है ।

और प्राणी मात्र के धर्म- कोश की रक्षा करने में के समर्थ होता है ।

ब्राह्मण सदैव अपना खाता है ।

और अपना पहनता है ।

और अपने से ही दूसरों को देता है ।

ब्राह्मणे दारुणं नास्ति मैत्रो ब्राह्मण उच्चते ।

आचार्य: सर्वभूतानां शास्ता कि प्रहरिष्यति ।।

महाभारतम् अनुशासनपर्व 27।12।

ब्राह्मण में कठोरता नहीं होती , ब्राह्मण सदैव मैत्र होता है ।

ब्राह्मण सदैव प्राणी मात्र का मित्र होता है ।

ब्राह्मण सदैव प्राणी मात्र का हितैषी होता है ।

सबका मंगल चाहने वाला होता है ।

प्राणी मात्र का सदैव मंगल के लिए लगा रहता है ।

और हर एक से मित्र का व्यवहार करता है ।

और सब प्राणियों का आचार्य , अनुशासन करने वाला वह कभी किसी पर प्रहार नहीं करता है ।

. वायु को मुठ्ठी में बंद करना मुश्किल है ।

. चांद को हाथ से छूना मुश्किल हैं ।

. पृथ्वी को उठाना मुश्किल हैं ।

और लोको में ब्राह्मण से जितना मुश्किल हैं ।

आकाश (गगन आसमान) को छूना असंभव है ।

हिमालय पर्वत को हिलाना असंभव है ।

गंगा के प्रवाह को रोकने के लिए बंध लगाना असंभव है ।

इसी तरह इस लोक में ब्राह्मणों को जितना असंभव है ।

ब्राह्मणों का हृदय मक्खन के समान कोमल दयालु होता है ।

जो भगवान विष्णु जी के स्वभाव के अनुरूप है ।

हालांकि उनकी वाणी में उस्तुरे (छूरे) जैसी तीक्ष्णता भी कहीं गई है ।

जिसका अर्थ ज्ञान और सत्य को स्पष्टता से कहना है ।

ब्राह्मण का मुख्य गुण(शास्त्रों के अनुसार):

. हृदय : भगवान श्री हरि विष्णु के सामान कोमल , दयालुत होते हैं ।

. वाणी : तीक्ष्ण (स्पष्ट एवं सत्यवादी)

. स्वभाव : शांति आत्मसंयम , तपस्या , पवित्रता , सहनशीलता , ईमानदारी , ज्ञान , बुद्धि और धार्मिकता ।

. ब्राह्मण ब्रह्म का तेज रखने वाला और "सर्व वंदित"(सभी द्वारा वंदनीय माना गया है ।

. अखंडता : ब्राह्मण अपराधों से वंचित रहता है ।

(स्वच्छ छवि) वाला माना गया है 

ब्राह्मण की कोमलता और व्यक्तित्व की एक पहचान है ।

आपका मार्गदर्शक आपके पूज्य गुरुदेव ,

[आचार्य श्री पुरुषोत्तम दास त्यागी जी महाराज]

संपूर्ण विश्व

संपर्क सूत्र:-6396372583,

🙏🙏🌹🌹🌹🙏🙏🌹🌹




Youtube Channel Image
TTN24 | समय का सच www.ttn24.com
Subscribe