अपना हिसाब यही निपटा ले आप सबसे वरना कर्म की गति बहुत भयंकर है: आचार्य श्री पुरुषोत्तम दास त्यागी जी महाराज
🙏🙏🌹🌹🌹🙏🙏🌹🌹"सादर जय सियाराम"
किसी के हृदय को ठेस पहुंचाकर किसी के हृदय को कष्ट पहुंचाकर पीड़ा पहुंचाकर हृदय दुखाकर भगवान से क्षमा मांग लेने से नहीं मिट सकता है ।
जब तक उस प्राणी हृदय में थोड़ी सी भी पीड़ा रहेगी आपको भगवान भी क्षमा नहीं कर सकते हैं ।
आप कितना भी पश्चताप कर लीजिए
भगवान कहते हैं कि जिसका आपने आपराध किया है ।
अगर वो माफ कर देता है मैं भी कर दूगा।
सच्चा भगवान का भक्त वहीं है सच्चा भगवान का प्रेमी वहीं है
जो नित्य रात्रि में सोते समय याद करें कि आज मैंने किसी का हृदय तो नहीं दुखाया बेहतर यही होगा कि अपना हिसाब यही निपटा ले आप सबसे वरना कर्म की गति बहुत भयंकर है ।
भाई जब वह वापस होता है ।
आपका मार्गदर्शक आपके पूज्य गुरुदेव ,
[आचार्य श्री पुरुषोत्तम दास त्यागी जी महाराज]
संपूर्ण विश्व ,
संपर्क सूत्र:-6396372583,
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