रेहान ख़ान रिपोर्टर फर्रुखाबाद
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मस्जिद जान अली खां में कुरान हुआ,मुकम्मल:नमाज-ए-तरावीह के बाद भव्य जलसे में विद्वानों ने दिया संदेश
फर्रुखाबाद शहर की मस्जिद जान अली खां में रमज़ान 26वां रोज़ा,27 वीं तरावीह सोमवार शाम को नमाज-ए-तरावीह के दौरान कुरान मुकम्मल होने पर एक भव्य जलसे का आयोजन किया गया। रात 9 बजे से रात 11 बजे तक प्रोग्राम किया गया l इस धार्मिक आयोजन में प्रख्यात विद्वानशहजादा नशीन मगरूनिया दरगाह शेखपुरा शरीफ के मौलाना एहसान उल हक मियां ने शिरकत की।
जलसे को संबोधित करते हुए l क़ारी मुख्तार अहमद कादरी ने मुसलमानों से अपनी पिछली बुराइयों से तौबा कर दीन के बताए रास्ते पर चलने की हिदायत दी। उन्होंने जोर दिया कि अल्लाह ने रोजे और नमाज फर्ज किए हैं, जिन्हें बिना ठोस कारण के नहीं छोड़ना चाहिए, अन्यथा अल्लाह की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि सच्चा मुसलमान वही है जो दीन के रास्ते पर चलकर एक अच्छा और नेक इंसान बने।शहजादा नशीन मगरूनिया दरगाह शेखपुरा शरीफ के मौलाना एहसान उल हक मियां ने रमजान के पाक महीने के महत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया कि इसी मुकद्दस महीने में कुरान नाजिल हुआ था। मौलाना एहसान उल हक मियां ने कहा कि कुरान की तिलावत करने वाले और उसे श्रद्धा से सुनने वाले, दोनों को ही बराबर का सवाब (पुण्य) मिलता है।
हर वर्ष के तरह इस वर्ष मस्जिद जान अली खां इमाम हाफ़िज़ सैय्यद हारून अली ने कुरान सुनाया,
*मस्जिद जान अली खान सेक्रेटरी हाजी बिलाल ने तफ़सील हिसाब किताब के ख्वाहिशमंद हजरत मस्जिद खज़ाची सैयद मेराज अली मस्जिद का बजट पेश किया*
*सेक्रेटरी हाजी बिलाल* ने बताया गजट जुलाई 2025 से दिसंबर 2025 तक का हिसाब" *165995* आमदनी, कुल खर्च *161043*जो बैलेंस बचा है *4952* बचे है *सेक्रेटरी हाजी बिलाल* ने कहा जिसको जानकारी चाहिए है वह मस्जिद के,*खज़ाची सैयद मेराज अली* मालूम कर सकते हैं हाजी बिलाल ने यह भी कहा जो आज कुरान मुकम्मल हुआ इसका जो भी खर्चा हुआ मस्जिद के चार-पांच जो खास लोग हैं उन्होंने अपनी जेब से खर्च किया मस्जिद के हिसाब से इसमें लेना देना कुछ नहीं है *सेक्रेटरी हाजी बिलाल अहमद ने कहा ईद उल फितर की नमाज़ मस्ज़िद जान अली खां के इमाम हाफ़िज़ सैय्यद हारून अली पढ़ाएंगे*
*मौलाना एहसान उल हक मियां*दुआ की गई
कार्यक्रम के समापन पर मुल्क में भाईचारे, सुख-शांति और तरक्की के लिए विशेष दुआ मांगी गई। इस दौरान पूरा माहौल भक्तिमय रहा।
इस रूहानी जलसे में, क़ारी फ़सीह मुज़ीबी, शहर क़ाज़ी सैय्यद मुताहिर अली, क़ारी मुख्तार अहमद कादरी, हाजी दिलशाद अहमद, जाकिर खान, सैय्यद मेराज अली, हाजी बिलाल अहमद आफताफ कुरैशी,सहित बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे।


