लोकेशन आलोट संवाददाता डॉ सुनील चोपड़ा
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मामला रेलवे ओवरब्रिज का, 9 वर्ष बीत जाने के बाद भी अपूर्ण है, रेलवे ब्रिज को सडक मार्ग से जोडने का कार्य
मुंबई-दिल्ली रेल मार्ग पर स्थित विक्रमगढ-आलोट रेलवे स्टेशन के पास ताल रोड के रेलवे गेट 20 के पास रेलवे ने अपनी सीमा में ब्रिज का निर्माण एक वर्ष में ही पूर्ण कर दिया था, लेकिन राज्य सरकार और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता और बजट के चक्कर में 9 साल इंतजार के बाद ब्रिज को सडक मार्ग से नही जोडा जा सका है।बुधवार कलेक्टर के आदेश पर जीवनगढ़ स्थित भूमि सर्वे क्रं.206/1/1, 317/1/1/1, 317/3, 306/6, 303/9, 305/8 के अर्जित रकबे का कब्जा दिलाने के लिए तहसीलदार पंकज पवैया द्वारा राजस्व निरीक्षक के नेतृत्व में दल गठित कर 12 मार्च को सेतु निर्माण एजेंसी को 0.511 आरी का टोटल कब्जा मार्किंग कर कब्जा दिलाया है । लेकिन भूमि स्वामीयों द्वारा दल को आपत्ति पत्र भी दिया है, जिससे मामला न्यायालय की शरण में पहुंच सकता है । तहसीलदार पंकज पवैया ने बताया कि रतलाम कलेक्टर के आदेश पर राजस्व निरीक्षक महेंद्र वाडिया के नेतृत्व में पटवारी गोविंद व्यास, देवेंद्र सिंह डोडिया, चंद्रशेखर मईडा, स्वागत दुबे, त्रिलोक धामनिया, अमर डिंडोर, संजय कुशवाहा और संजय चौहान का दल बनाकर जीवनगढ़ स्थित भूमि सर्वे क्रमांक 206/1/1, 317/1/1/1, 317/3, 303/6, 303/9, 305/8 के वर्जित रकबे का अधिग्रहण कर सेतु निर्माण एजेंसी को सौंप दिया है, प्रभावित भूमि स्वामीयों राम सिंह पिता पूरसिंह राजपूत, नितेश पिता घेवरमल बांठिया, पुर सिंह पिता भवर सिंह राजपूत तथा गजेंद्र पिता हरिशंकर शर्मा की भूमि शामिल है । इनमें नितेश बांठिया एवं गजेंद्र शर्मा का कहना है कि कलेक्टर न्यायालय के द्वारा जमीन अधिग्रहण के संबंध में दिनांक 8 दिसंबर 25 को जो अवार्ड आदेश पारित किया था उक्त अवार्ड आदेश हमारी तथा हमारे अधिवक्ता की अनुपस्थिति में पारित हुआ है, जिससे हम सहमत नहीं है हमारी मांग है कि हमारी भूमि का वास्तविक मुआवजा हमें प्राप्त हो इस संबंध में दल को एक आपत्तिपत्र भी दिया है । हम अब न्यायालय की शरण में जाएंगे, उधर दल प्रभारी राजस्व निरीक्षक महेंद्र वाडिया ने बताया कि दो भूमि स्वामियों की आपत्ति पत्र हमें प्राप्त हुआ है जो रिपोर्ट के साथ भेज दिया गया है और भूमि की एप्रोच रोड के लिए जितनी आवश्यकता थी उतना ही मार्किंग कर सेतु विभाग निगम को दी है जिससे ब्रिज का निर्माण शीघ्र पूरा हो सके ।


