ब्युरोचीफ शैलेन्द्रसिंह बारडोली गुजरात
8 मार्च 2026 - रामलीला मैदान, दिल्ली अब यह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि अन्याय के खिलाफ जनसैलाब होगा।
दिल्ली के कनॉट प्लेस के पास स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में दर्शन करने जा रहे राज शेखावत जी को दिल्ली प्रशासन द्वारा रास्ते में ही रोककर गिरफ्तार करना अत्यंत निंदनीय और अलोकतांत्रिक कृत्य है।एक सामाजिक कार्यकर्ता और समाज की आवाजको उठान वाले व्यक्ति को मंदिर जान से पहले इस प्रकार रोकना और गिरफ्तार करना, यह साफ दर्शाता है कि सरकार और प्रशासन लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने का प्रयास कर रहे हैं।
जब कोई व्यक्ति अपने समाज और युवाओं के भविष्य के लिए आवाज़ उठाता है, तो उसे डराने धमकाने और गिरफ्तार करने की कोशिश की जाती है। यह केवल राज शेखावत जी का अपमान नहीं, बल्कि उन लाखो युवाओं और समाज के लोगों का अपमान है जो न्याय और अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं।
हम सरकार और प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देना चाहते हैं कि इस तरह के दमनकारी कदमो से हमारी आवाज़ को दबाया नही जा सकता। 8 मार्च को रामलीला मैदान में होने वाला UGC रोलबैक महाआंदोलन पहले से भी अधिक मजबूती और विशाल जनसमर्थन के साथ होगा।अगर सरकार यह समझती है कि गिरफ्तारी और दबाव बनाकर आंदोलन को रोका जा सकता है, तो यह उसकी सबसे बड़ी भूल है। यह संघर्ष अब केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे समाज के सम्मान और भविष्य का संघर्ष बन चुका है।
पूरे भारत वर्ष के सवर्ण समाज मांग करते हैं कि राज शेखावत जी को तुरंत रिहा किया जाए और लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान किया जाए।दिल्ली पुलिस द्वारा क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत जी को गिरफ्तार किया जाना अत्यंत निंदनीय और अस्वीकार्य है। यह कार्यवाही समाज की भावनाओं को आहत करने वाली है।
हम दिल्ली पुलिस प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देना चाहते हैं कि यदी डॉ. राज शेखावत जी को तुरंत प्रभाव से रिहा नहीं किया गया, तो क्षत्रिय करणी सेना के हजारों कार्यकर्ता दिल्ली में राजभवन की ओर कूच करने के लिए बाध्य होंगे। इसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस और प्रशासन की होगी।
हम सरकार और पुलिस प्रशासन से मांग करते हैं कि लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान करते हुए डॉ. राज शेखावत जी को तुरंत रिहा किया जाए, अन्यथा देशभर मे आंदोलन तेज किया जाएगा।


