आनन्द बॉबी चावला ब्यूरो चीफ झांसी
झांसी
दिनांक: 07 मार्च 2026
*हमारा उद्देश्य: झांसी को स्वच्छ, हरित एवं विकसित बनाना: मा0 महापौर नगर निगम, झांसी*
*"अतिथि देवों भवः" की भावना को अपने भीतर ऊर्जा के रुप में संरक्षित रखें*
*बेड एवं ब्रेकफास्ट नीति का उद्देश्य: पर्यटकों को आवासीय सुविधा और परिवारिक वातावरण उपलब्ध कराना*
*बेड एवं ब्रेकफास्ट नीति 2025 एवं हीट एक्शन प्लान के क्रियान्वयन हेतु कार्यशाला का आयोजन नगर निगम सभागार में सम्पन्न*
झांसी: आज मा0 महापौर, नगर निगम बिहारी लाल आर्य जी के मुख्य आतिथ्य में शासन द्वारा पर्यटकों को आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लागू बेड एवं ब्रेकफास्ट नीति 2025 के तहत होमस्टे तथा हीट एक्शन प्लान के सम्बन्ध में आवश्यक कार्यशाला का आयोजन नगर निगम सभागार में किया गया।कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित मा0 महापौर नगर निगम श्री बिहारी लाल आर्य ने अपने सम्बोधन में कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा पर्यटकों को आवसीय सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बेड एवं ब्रेकफास्ट नीति 2025 लागू की गयी है, जिसके क्रियान्वयन हेतु आज इस महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे देश की संस्कृति के अनुसार अतिथि का हम देवों की भांति सम्मान करते हैं। सरकार द्वारा पर्यटकों को आवासीय सुविधा और परिवारिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए यह योजना संचालित की गयी है। मा0 प्रधानमंत्री जी के निर्देशन में हमारा देश सामाजिक सद्भाव की भावना का पालन कर रहा है। हम सभी का यह दायित्व है कि हम "अतिथि देवों भवः" की भावना को अपने भीतर ऊर्जा के रुप में संरक्षित रखें। होमस्टे नीति एवं हीट एक्शन प्लान के क्रियान्वयन हेतु हम सभी को विभागीय अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर योजना को सफल बनाने का कार्य करना चाहिए। हम सभी का एक ही प्रयास होना चाहिए, झांसी को स्वच्छ, हरित एवं विकसित बनाना।
कार्यशाला में उपस्थित अतिथियों एवं अन्य महानुभावों द्वारा बेड एवं ब्रेकफास्ट योजना के क्रियान्वयन तथा हीटवेब से बचाव हेतु अपने-अपने सुझाव एवं विचार साझा किये गये, जिसके अन्तर्गत हिन्दु धर्माचार्य हरिओम पाठक ने अपने विचार प्रस्तुत करते हुये कहा कि हिन्दुधर्म शास्त्रों में प्यासे व्यक्ति को पानी पिलाना सर्वाधिक पुण्य का कार्य माना जाता है। उन्होंने कहा कि आगामी भीषण गर्मी के दुष्प्रभाव से बचाव हेतु हमें अधिक से अधिक स्वदेशी निर्मित पेय पदार्थो (सत्तू का घोल, मट्ठा, बेल का रस, नींबू पानी, आमपना) का प्रयोग करना चाहिए, जिससे उत्तम स्वास्थ्य के साथ हमारे जनपद के बेरोजगार युवाओं को रोजगार भी प्राप्त हो सके। प्राचीनकाल से ही झांसी की परम्परा, सेवा का कार्य रही है। हम सभी को स्वयं पर गर्व होना चाहिए, कि हम झांसी के निवासी है। उन्होंने कहा कि झांसी में पर्यटन के विकास हेतु किये गये प्रयासों में धार्मिक भावना का समावेश अनिवार्य रुप से होना चाहिए।कार्यशाला में उप मुख्य चिकित्साधिकारी/नोडल अधिकारी हीट एक्शन प्लान ने अपने विचार साझा करते हुये कहा कि गर्मी के समय हीटवेब से बचाव के लिए हमें अपने शरीर को पानी से भरपूर रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि झांसी की भूमि में अधिकांश भाग पर पठारी क्षेत्र का विस्तार है, जिस कारण झांसी की जलवायु में गर्मी का अत्यधिक प्रभाव रहता है। लोगों को हीटवेब से बचाव हेतु जिला चिकित्सालय में अभी से आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गयी हैं, इसके साथ ही चिकित्सालय के कार्मिकों द्वारा लोगों को हीटवेब से सुरक्षा हेतु जागरुकता संदेश भी प्रदान किये जा रहे है। सभी लोग अधिक से अधिक पानी का प्रयोग करें तथा काम के दौरान बीच-बीच में अपने शरीर को आराम भी दें।
इस दौरान स्वयंसेविका श्रीमती कंचन आहूजा ने कहा कि झांसी में पर्यटन के विकास की अत्यधिक सम्भावनायें विद्यमान हंै, हम सभी को उन्हें प्रकाशमान करने की दिशा में कार्य करना चाहिए। पर्यटन के विकास के लिए हमें केवल स्वदेशी निर्मित उत्पादों का ही अधिक से अधिक प्रयोग करना चाहिए, जिससे स्थानीय स्वरोजगार को बढ़ावा मिले और स्थानीय सभ्यता एवं संस्कृति के दर्शनार्थ यहां आने के लिए पर्यटकों की संख्या में भी वृद्धि हो सके।
कार्यशाला में ट्रैफिक पुलिस से देवेन्द्र ने अपने विचार प्रस्तुत करते हुये कहा कि जनपद में सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण स्थापित करने के लिए ट्रैफिक पुलिस द्वारा शासन-प्रशासन के निर्देशन में निरंतर नये-नये प्रयास किये जा रहे हैं, इस कार्य में झांसीवासी अपना सहयोग प्रदान करते हुये ट्रैफिक नियमों का शत-प्रतिशत अनुपालन कर दोपहिया वाहनों चलाते समय हेलमेट का अनिवार्य रुप से प्रयोग करें।
इस अवसर पर व्यापारी श्री संजय पटवारी ने अपने विचार साझा करते हुये कहा कि सरकार द्वारा संचालित होमस्टे नीति स्वदेशी एवं विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण कार्य है। उन्होंने कहा कि पात्र लाभार्थियों को इस नीति के तहत लागू बेड एवं ब्रेकफास्ट योजना के प्रति आकर्षित करने हेतु पर्यटन विभाग को योजना का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने की आवश्यकता है। हीटवेब से बचाव के लिए हम सभी को अपने आसपास छायादार वृक्षों का अधिक से अधिक रोपण करना चाहिए। इसके साथ ही आमजनमानस धूप में निकलते समय अपने सिर को तौलिया एवं गमछे से सुरक्षित रखें। मिट्टी के घड़े में रखा हुआ पानी पियें जिससे उत्तम स्वास्थ्य के साथ-साथ स्थानीय लोगों को स्वरोजगार भी प्राप्त हो सके।
कार्यशाला में उप निदेशक पर्यटन डी0के0 शर्मा ने शासन द्वारा वर्ष 2025 में लागू बेड एवं ब्रेकफास्ट नीति की जानकारी प्रदान करते हुये कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा संचालित इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में पर्यटन से स्वरोजगार को बढ़ावा देना है, इससे पर्यटकों को घर जैसा अनुभव मिलेगा और स्थानीय लोगों को आय के नये अवसर भी प्राप्त होंगे। योजना के तहत पात्र लाभार्थी लाभ प्राप्त करने हेतु पर्यटन कार्यालय में अपना पंजीकरण करा सकते हैं। उत्तर प्रदेश बेड एण्ड ब्रेकफास्ट एवं होमस्टे नीति-2025 के अन्तर्गत होमस्टे प्रतिष्ठान में कम से कम और अधिकतम 06 किराए पर देने योग्य कमरे होने चाहिए।
कार्यशाला का शुभारम्भ नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा अतिथियों को पुष्पगुच्छ भेंटकर किया गया। कार्यशाला के अन्त में अपर नगर आयुक्त राहुल कुमार यादव द्वारा मुख्य अतिथि सहित उपस्थित अन्य अतिथियों, धर्मगुरुओं, स्वयंसेवकों तथा अन्य महानुभावों का आभार व्यक्त किया गया। कार्यशाला का संचालन वरिष्ठ समाजसेविका/शिक्षाविद् डाॅ0 नीतिशास्त्री द्वारा किया गया।
इस अवसर पर मुस्लिम धर्मगुरु मोहम्मद हाशिम, क्षेत्राधिकारी सदर लक्ष्मीकान्त गौतम, उप नगर आयुक्त वीरेन्द्र कुमार श्रीवास, सहायक नगर आयुक्त श्री गौरव कुमार, सहायक नगर आयुक्त श्री सी0पी0 पाण्डेय, पशु चिकित्साधिकारी डाॅ0 राघवेन्द्र, अपर जिला सूचना अधिकारी सुरेन्द्र पाल सिंह सहित वार्डों के सदस्य एवं अन्य महानुभाव तथा अधिकारीगण उपस्थित रहे।
आनन्द बॉबी चावला झांसी।


