ब्युरोचीफ शैलेन्द्रसिंह बारडोली गुजरात
मत्स्य पालन योजना के लिए धनराशि स्वीकृत कराने के बदले 6,000 रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में एसीबी ने श्रेणी 3 का कर्मचारी को पकड़ा।
एसीबी ने यह कहावत सच साबित कर दी है कि "कौवे हमेशा काले होते हैं"। तापी जिले के सहायक मत्स्य अधीक्षक, तृतीय श्रेणी के सहायक तेजस भाई रमेशभाई चौधरी को आज उकाई स्थित अंतर-स्थानीय मत्स्य विकास केंद्र के निदेशक कार्यालय में 6,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए एसीबी ने रंगे हाथों पकड़ा।एसीबी अधिकारी को उकाई स्थित सहायक मत्स्य निदेशक और सहायक मत्स्य अधीक्षक (सी) के कार्यालय से बुनियादी जानकारी मिली कि तापी जिले के उकाई में सहायक मत्स्य निदेशक के कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारी प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत लाभार्थियों को मोटर साइकिल और इंसुलेटेड बॉक्स खरीदने के लिए सब्सिडी दे रहे थे, जिनके खिलाफ लाभार्थियों से मंजूरी के लिए 5,000 रुपये से 8,000 रुपये तक की रिश्वत लेने की शिकायत मिली थी।
इसी मामले मे आधार तेजस चौधरी ने लाभार्थिके पास योजना का लाभ दिलाने के बदले मे 6,000 हजार रूपये रिश्वत मांगी गई थी उसी सिलसिले मे एक लाभार्थी ने काम करके देने के लिए रिश्वत देने की बात करके पक्का हुआ जिन्होंने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत खरीदी गई मोटर साइकिल और इंसुलेटेड बॉक्स के लिए सब्सिडी प्राप्त करने हेतु दस्तावेज जमा करने में सहयोग किया। इसमें 6,000 रुपये देने का निर्णय लिया गया था, आज मत्स्योध्योग नियामक ऑफिस में 6,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए तेजस चौधरी रंगे हाथों पकड़ा गया।
उपरोक्त को एसीबी अधिकारी पर्यवेक्षण अधिकारी आर.आर. चौधरी, सहायक निदेशक सूरत, एसीबी उप निदेशक प्रभारी आईपीएस बलदेव देसाई, तापी की उपस्थिति में पीआई के.जे. ने रंगे हाथों पकड़ा। धाडुक एवं एसीबी पुलिस स्टेशन व्यारा के कर्मचारी।
एसीबी के पीआई के.जे. धाडुक ने आरोपी तेजस चौधरी को गैरकानूनी रिश्वत लेनेका गुनाह में कानूनी रूप से गिरफ्तार करके आगे की जांच कर रहे हैं।
