रेहान ख़ान रिपोर्टर फर्रुखाबाद
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यूपी में नहीं दिखा शव्वाल का चांद, ईद 21मार्च को फर्रुखाबाद समेत कई उलेमाओं ने चांद न दिखने की पुष्टि की
उत्तर प्रदेश में माह-ए-शव्वाल का चांद नजर नहीं आया है। इसके चलते ईद-उल-फित्र का त्योहार 21 मार्च को मनाया जाएगा। फर्रुखाबाद समेत प्रदेश के कई हिस्सों में उलेमाओं ने चांद न दिखने की पुष्टि की है।माह-ए-रमजान के 29 रोजे गुरुवार को पूरे हो गए। शाम को सभी ने माह-ए-शव्वाल का चांद देखने का इंतजार किया। उलमा किराम ने चांद देखने की कोशिश की, लेकिन मौसम साफ होने के बावजूद चांद नजर नहीं आया। देश के किसी अन्य हिस्से से भी चांद के नजर आने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई।
फर्रुखाबाद के मुफ्ती जफर कासमी, शहर जामा मस्जिद के इमाम मुफ्ती मोअज्जम अली, मौलाना अब्दुल रब कासमी, मौलाना लहीक और शिया धर्मगुरु मौलाना अब्बास समेत कई उलेमाओं ने शव्वाल का चांद न दिखने की तस्दीक की। उन्होंने बताया कि ईद-उल-फित्र का त्योहार शनिवार, 21 मार्च को मनाया जाएगा। शुक्रवार, 20 मार्च को 30वां रोजा रखा जाएगा और माह-ए-रमजान की अंतिम जुमा की नमाज अदा की जाएगी।ईद की नमाज के लिए समय और स्थान निर्धारित किए गए हैं। नई ईदगाह में सुबह 8:15 बजे जामा मस्जिद इमाम मुफ्ती मोअज्जम अली नमाज अदा करेंगे। पुरानी ईदगाह में सुबह 8:30 बजे मौलाना शमशाद अहमद चतुर्वेदी नमाज पढ़ाएंगे। रकाबगंज दरगाह हजरत अब्बास में सुबह 9:30 बजे मौलाना सदाकत हुसैन सैंथली नमाज अदा करेंगे। सुनहरी मस्जिद 10 बजे इमामे जुमा मोहम्मद अब्बास और रकाबगंज तिराहा मस्जिद जान अली खां में सुबह 8:30 बजे नमाज अदा की जाएगी।
मौलाना सदाकत हुसैन सैंथली ने बताया कि शिया धर्मगुरुओं ने ईद-उल-फित्र को सादगी और शोक (मातम) के साथ मनाने का फैसला किया है। इस दौरान कोई जश्न नहीं मनाया जाएगा।


