ब्युरोचीफ शैलेन्द्रसिंह बारडोली गुजरात
सूरत जिला एलसीबी पुलिस ने 100 से अधिक अंतरराज्यीय चोरियों को अंजाम देने वाले एक आदतन अपराधी को गिरफ्तार किया:24 गुनाह कुबूल किया
पुलिस ने दो बाइक, एमएच 39 एएच 2002 बजाज पल्सर और एचआर 36 एवी 1129 पल्सर तथा अन्य सामान बरामद किए, जिनकी कुल कीमत 15,55,680 लाख रुपये है, यानी कुल मिलाकर 18,82,630 लाख रुपये।गिरफ्तार आरोपी सूरत, भरूच, वडोदरा, नर्मदा, दाहोद, महिसागर और अहमदाबाद जैसे विभिन्न शहरों में चोरीकी घटनाओंको अंजाम देताथा।
सूरत जिलेमें आतंक मचारहे एक अंतरराज्यीय चोरको पकड़ने केलिए पुलिसको काफी मशक्कत करनी पड़ी। पिछले 20-25 दिनों में पुलिस ने विभिन्न दिशाओं में 6 टीमें गठित कीं और निजी मानव संसाधन, तकनीकी खुफिया जानकारी और सीसीटीवी फुटेजके आधारपर पुलिसने इस आदतन चोरको पकड़ने में सफलता हासिल की।
सूचना मिलनेपर घरोमें चोरी करनेवाला आरोपी जोखा वाव रोडसे बजाज पल्सर बाइक नंबर HR 36 AV 1129 पर सूरत जा रहा है। उसने हेलमेट पहना हुआहै और उसे अपने कंधे पर काले रंगकी बेग टांगरखा है। उनको रोककर पूछताछ के दौरान उसका नाम जिम्मी उर्फ दीपक बिपिन शर्मा बताया। वह महाराष्ट्र के नंदरबार स्थित हवेली नगर 1 हॉल साइड, मकान नंबर 4/A 1 गुरुकुल नगर में रहता है। उसने सूरत जिले में 100 से अधिक घरों में चोरी, इमारतों, फ्लैटों, कार्यालयों में चोरी औरके 24 गुनाह केसाथ अंतरराज्य अपराधों को अंजाम देनेकी बात कबूल की।इन अपराधों को अंजाम देने के बाद, वह सोने-चांदी के आभूषण दिल्ली और गोवा में बेचता था। एलसीबी और बारडोली पुलिस ने आरोपीको दिल्ली जहापर चोरीके गहने बेचे वहासे पुलिसने 15,55,680 लाखकी चीजें बरामद की चोरीके गहनेसे आतापैसा कैसीनो,जुए और नशे की लतमें खोके अय्याशी करतथा।
गिरफ्तार जिमी का तरीका यह था कि वह अच्छे कपड़े पहनकर बाइक पर हेलमेट लगाकर चोरी करनेकी योजना बनाताथा और
चोरी करने से पहले बाइक की नंबर प्लेट हटाता था, चोरीके बाद उसे वापस लगा देता था। उसने महाराष्ट्र, हरियाणा और राजस्थान राज्यों में भी अपराध करने की बात कबूल की है, जिनके खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।
जांच कर रही 6 पुलिस टीमों के पीआई आर.बी. भटोल, एम.आर. शोकारिया, एल.जी. राठौड़, पीएसआई ए.एन. चौहान, एच. सी. मसानी, जे.एल. पटेल, ए. एच. पटेल के नेतृत्व में मुकेशभाई, राजदीपभाई, हेमन्तभाई, शैलेशभाई, अनिलभाई, नरेशभाई, दिनेशभाई, प्रह्लादसिंह, विक्रमभाई, गौतमभाई, अक्षयभाई, नागजीभाई, स्मितकुमार, अनिलभाई, चिरागभाई, अमरतजी, अजीतसिंह, नीलेशभाई, कार्तिकभाई, हरसूरभाई, तुषारभाई, विष्णुभाई, अरविंदभाई, रोहितभाई, राजेशभाई, जगदीशभाई, पंकजभाई की टीम दीपकभाई, दिनेशभाई, अल्पेशभाई, प्रतीकभाई, निकुंजभाई ने सफलता हासिल की।
