जमुई:भूमि विवाद मामले में अनुमंडल दंडाधिकारी सख्त,अंचल अधिकारी को एक सप्ताह में रिपोर्ट सौंपने का आदेश
मुकेश कुमार-स्टेट हेड-बिहार/झारखंड
पटना(बिहार)।जमुई जिले के अलीगंज प्रखंड में भूमि विवाद से जुड़े एक मामले में प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है।अनुमंडल दंडाधिकारी,जमुई के न्यायालय ने अंचल अधिकारी,अलीगंज को एक सप्ताह के भीतर स्थलीय जांच कर विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार,ग्राम-धनार,थाना- चंद्रदीप निवासी लक्ष्मीकांत सिंह,पिता-स्व.रामशरेख सिंह,ने अनुमंडल दंडाधिकारी के न्यायालय में भूमि विवाद के संबंध में एक आवेदन दिया था। मामला वाद संख्या 42M/26 के तहत दर्ज किया गया है।
न्यायालय का निर्देश
दस्तावेज(D.B.N-166,
दिनांक 19-02-26)के अनुसार,न्यायालय ने अंचल अधिकारी और थानाध्यक्ष,चंद्रदीप को मामले की गंभीरता से अवगत कराया है।आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि:
आवेदक द्वारा वर्णित भूमि एवं तथ्यों की स्थलीय जांच की जाए।जांच रिपोर्ट एक सप्ताह के अंदर संबंधित प्रतिवेदन न्यायालय को उपलब्ध कराया जाए।समय पर रिपोर्ट मिलने के बाद ही मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी।
प्रशासन की सक्रियता
इस आदेश से यह स्पष्ट है कि अनुमंडल प्रशासन भूमि संबंधी विवादों के त्वरित निष्पादन के लिए सक्रिय है।एक निश्चित समय सीमा(एक सप्ताह)के भीतर रिपोर्ट मांगने से पीड़ित पक्ष को जल्द न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।अब देखना यह है कि राजस्व विभाग की टीम और स्थानीय पुलिस प्रशासन कब तक स्थल निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट सौंपती है।
विवाद बढ़ने की आशंका
वही दूसरी ओर विवादित स्थल,नहर मोड़(झप्पू मोड़)पर निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर जारी रहने से दो पक्षों के बीच अप्रिय घटना घटने की आशंका जाहिर की जा रही हैं।क्योंकि बताया जाता हैं कि उक्त विवादित स्थल पर पूर्व से बने एक ईट निर्मित दुकान को विगत 16 फरवरी की देर रात में भारी मशीनरी वाहन का उपयोग कर ध्वस्त कर दिया गया था।जिसकी लिखित सूचना स्थानीय पुलिस को भी दी गई थी।इसके बावजूद द्वितीय पक्ष के द्वारा उक्त स्थल पर युद्धस्तर पर निर्माण कार्य करने से स्थानीय प्रशासन पर सवालिया निशान लगने लगा है।मामला आखिर चाहे जो भी हो,इस तरह के मामले में ऐहतियात के तौर पर विधि व्यवस्था को बनाए रखने के लिए समुचित कार्रवाई स्थानीय प्रशासन को अवश्य करनी चाहिए!
