रिपोर्ट भरतसिंह आर ठाकोर अरवल्ली गुजरात
*राजकोट में ‘वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस’ के पहले दिन ‘प्लास्टिक कचरे का प्रबंधन और पर्यावरण सुरक्षा’ विषय पर सेमिनार आयोजित*
*ऐसे ‘कम्पोस्टेबल प्लास्टिक’ के उपयोग पर जोर दिया गया, जो पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाता*
*गांधीनगर, 11 जनवरी :* रविवार को राजकोट स्थित मारवाड़ी यूनिवर्सिटी में कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्र के लिए ‘वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस’ (वीजीआरसी) का शुभारंभ हुआ। इस दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस में ‘क्षेत्रीय आकांक्षाएं और वैश्विक महत्वाकांक्षाएं’ विषय पर विभिन्न सत्रों का आयोजन किया गया।इस सेमिनार के दौरान सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (सीआईपीईटी), अहमदाबाद द्वारा एक महत्वपूर्ण प्रेजेन्टेशन दिया गया। सीआईपीईटी अहमदाबाद के डायरेक्टर और हेड श्री परितोष दीवासली ने ‘कंट्रोल्ड कम्पोस्टेबल प्लास्टिक्स एंड इट्स टेस्टिंग एस पर आईएस/आईएसओ 17088:2021 फॉर सीपीसीबी सर्टिफिकेशन’ विषय पर गहराई से जानकारी दी।सेमिनार में प्रोडक्ट वेलिडिटेशन से लेकर प्लास्टिक टेस्ट सर्टिफिकेशन, प्लास्टिक प्रोडक्शन जैसे मुद्दों को लेकर चर्चा की गई। इस सेमिनार में इस प्रकार के ‘कम्पोस्टेबल प्लास्टिक’ के उपयोग पर जोर दिया गया, जो पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाता। इस बारे में विस्तार से बताया गया कि औद्योगिक इकाइयां केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) सर्टिफिकेशन के लिए आईएस/आईएसओ 17088:2021 के मानकों के अनुसार प्लास्टिक की टेस्टिंग किस प्रकार करा सकती हैं।
इस सेमिनार में डॉ. किनसुक दत्ता, सौराष्ट्र और कच्छ के अग्रणी उद्योगपति, गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और विभिन्न विभागों के अधिकारियों सहित अकादमिक विशेषक और विद्यार्थी मौजूद रहे।


.jpg)