विनोद कुमार पांडे ब्यूरो चीफ
चिरमिरी में आवारा कुत्तों का आतंक — रेलवे स्टेशन निवासी श्रीमती शशि सिंह पर झुंड ने किया हमला, नगर निगम बेखबर — वन विभाग का भी सौतेला रवैया उजागर
चिरमिरी नगर निगम क्षेत्र में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। शहर के विभिन्न वार्डों में पिछले एक सप्ताह के भीतर 8 से 10 लोगों को आवारा कुत्तों द्वारा काटे जाने की घटनाएँ सामने आई हैं। लेकिन नगर निगम प्रशासन पूरी तरह मौन है — न तो कोई पकड़ अभियान चलाया जा रहा है, न ही किसी तरह का नियंत्रण प्रयास।सोमवार, 10 नवंबर 2025 को हल्दीबाड़ी मुख्य बाजार स्थित सब्जी मंडी (सवेरिया गेट) के पास एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। रेलवे स्टेशन बिरखेड़ा निवासी श्रीमती शशि सिंह अपनी परिजन श्रीमती अंजू सिंह के साथ बाजार गई थीं, तभी अचानक आवारा कुत्तों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया। हमले में शशि सिंह गंभीर रूप से घायल हो गईं और खून से लथपथ हो गईं। स्थानीय लोगों ने किसी तरह कुत्तों को भगाया और घायल महिला को तत्काल जिला अस्पताल चिरमिरी पहुंचाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें कई एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाए। डॉक्टरों ने बताया कि काटने के निशान गहरे हैं और स्थिति इतनी गंभीर है कि ऑपरेशन की नौबत भी आ सकती है।स्थानीय लोगों ने बताया कि यह वही कुत्ते हैं जो पिछले दिनों कई लोगों को काट चुके हैं, बावजूद इसके नगर निगम चिरमिरी द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। संवाददाता द्वारा तत्काल नगर निगम आयुक्त को इमरजेंसी कॉल किया गया, लेकिन उन्होंने फोन उठाना तक उचित नहीं समझा। यही नहीं, निचले कर्मचारियों से संपर्क करने पर केवल यह जवाब मिला — “सुबह देख लेंगे।”यह रवैया न केवल गैर-जिम्मेदाराना है बल्कि नागरिकों की सुरक्षा के प्रति स्पष्ट लापरवाही को दर्शाता है।वहीं, वन विभाग का रवैया भी सवालों के घेरे में है। शहर के जीएम कॉम्प्लेक्स क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर बंदरों को पकड़ा गया, लेकिन बाकी शहर में बढ़ते बंदरों के आतंक को पूरी तरह अनदेखा कर दिया गया। इससे विभागीय सौतेले व्यवहार की झलक साफ दिखाई देती है।
श्रीमती शशि सिंह ने कहा — “अगर नगर निगम समय रहते आवारा कुत्तों को पकड़ने का अभियान चलाता, तो आज मुझे यह दिन नहीं देखना पड़ता। अब भी निगम को जागना चाहिए, वरना यह कुत्ते और निर्दोष लोगों को शिकार बनाएंगे।”
शहरवासी नगर निगम से तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि आने वाले दिनों में किसी और परिवार को यह दर्द न झेलना पड़े।



