लोकेशन/जिला सिवनी/डिवीजन हेड पंकज पाल।
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन पर मुख्य सचिव ने दिए निर्देश
माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 (#एसडब्ल्यूएम) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी संभागायुक्तों एवं जिला कलेक्टरों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में प्रदेशभर में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, स्वच्छता को जनआंदोलन का स्वरूप देने तथा शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में शत-प्रतिशत कचरा प्रबंधन सुनिश्चित करने के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए।जिला मुख्यालय से आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अंजली शाह, एसडीएम सिवनी श्रीमती पूर्वी तिवारी, मुख्य नगर पालिका अधिकारी सहित जिले की सभी नगर परिषदों एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 का प्रभावी क्रियान्वयन पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छ भारत के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी नगरीय निकाय एवं ग्राम पंचायतें समन्वित रूप से कार्य करते हुए घर-घर से निकलने वाले कचरे का वैज्ञानिक ढंग से संग्रहण, पृथक्करण, परिवहन एवं सुरक्षित निपटान सुनिश्चित करें। साथ ही स्थानीय निकायों द्वारा नवाचारों को अपनाते हुए अपशिष्ट प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था विकसित की जाए तथा आमजन की सहभागिता बढ़ाने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाए जाएं।बैठक में मेडिकल वेस्ट, प्लास्टिक अपशिष्ट, होटल, दुकानों, औद्योगिक इकाइयों, बस एवं रेलवे स्टेशनों, मॉल, स्कूल-कॉलेज, मैरिज गार्डन, स्विमिंग पूल तथा घरेलू स्तर से निकलने वाले विभिन्न प्रकार के अपशिष्ट के वैज्ञानिक एवं पर्यावरण अनुकूल निपटान पर विशेष बल दिया गया। इसके साथ ही अपशिष्ट जल (वेस्ट वाटर) के उपचार एवं पुनः उपयोग की प्रभावी व्यवस्था विकसित करने के निर्देश भी दिए गए।बैठक के उपरांत कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने जिले के सभी नगरीय निकायों एवं जिला पंचायत के अधिकारियों को निर्देशित किया कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कार्ययोजना तैयार कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जिले के सभी शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के लिए ठोस रणनीति बनाकर प्रत्येक प्रकार के अपशिष्ट का वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित निपटान सुनिश्चित किया जाए, ताकि स्वच्छ, स्वस्थ एवं पर्यावरण-अनुकूल सिवनी के निर्माण का लक्ष्य प्रभावी रूप से प्राप्त किया जा सके।


