Etawah News: संस्कारित पीढ़ी ही राष्ट्र का उज्ज्वल भविष्य : डॉ. अभय कुमार जैन
रिपोर्ट एम एस वर्मा, मनोज कुमार TTN 24 NEWS
जसवंतनगर। नगर के श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर, जैन बाजार, जसवंतनगर में आयोजित 10 दिवसीय जैन संस्कार शिक्षण शिविर एवं श्री दशलक्षण धर्म विधान के अंतर्गत गुरुवार को उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग के अधीन संचालित जैन विद्या शोध संस्थान, लखनऊ के समन्वय निदेशक डॉ. अभय कुमार जैन ने शिविर का अवलोकन किया। उन्होंने शिविर की व्यवस्थाओं, शिक्षण पद्धति एवं बच्चों की सहभागिता का सूक्ष्म निरीक्षण करते हुए आयोजकों की भूरि-भूरि प्रशंसा की।अपने संबोधन में डॉ. जैन ने कहा कि “संस्कारित पीढ़ी ही राष्ट्र का उज्ज्वल भविष्य है।” जैन धर्म की संस्कृति एवं शिक्षाएं समाज में नैतिक मूल्यों, सदाचार एवं संस्कारों का संवर्धन करती हैं। उन्होंने कहा कि अहिंसा, सत्य, शाकाहार एवं सदाचार जैसे जैन संस्कार बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ एवं संस्कृति विभाग द्वारा प्राचीन भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों की पुनर्स्थापना हेतु इस प्रकार के आयोजनों को निरंतर प्रोत्साहन प्रदान किया जा रहा है।शिविर प्रभारी निकेतन जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश जैन विद्या शोध संस्थान, लखनऊ (संस्कृति विभाग, उ.प्र.), केपीएस उज्जैन, जैन युवा फेडरेशन भिंड तथा महिला मुमुक्षु मण्डल, जसवंतनगर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस दस दिवसीय “जैन संस्कृति : नैतिक संस्कार शिविर” में 145 से अधिक शिविरार्थी सहभागिता कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि प्रतिदिन तीन सत्रों में श्री दशलक्षण धर्म विधान, इष्टोपदेश, तत्त्वार्थसूत्र एवं जैन धर्म प्रवेशिका की कक्षाओं के साथ विभिन्न धार्मिक एवं नैतिक शिक्षण सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। वहीं सायंकाल बच्चों द्वारा सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों की मनोहारी प्रस्तुतियां भी दी जा रही हैं।डॉ. अभय कुमार जैन के आगमन से शिविरार्थियों एवं आयोजकों में विशेष उत्साह देखने को मिला। उपस्थित सभी लोगों ने उनके मार्गदर्शन को प्रेरणादायी एवं उपयोगी बताया।

