ब्युरोचीफ, शैलेन्द्रसिंह बारडोली गुजरात
गरीब किसानों की पसीनेकी कमाई खा जानेवाले घोटालेबाजों को भाजपा के राजमे हरी झंडी: डॉ. तुषार चौधरी।
सुरत जिला की ओलपाड कांठा शुगर कोऑपरेटिव शुगर इंडस्ट्री सोसाइटी में करोड़ों रुपये के मिसमैनेजमेंट मामले में वॉन्टेड आरोपी गिरफ्तार नहीं, DGP को सौंपा ज्ञापन।BJP राजमा आज, न्यायपालिका पर जनता का भरोसा धीरे-धीरे उठ रहा है। कोऑपरेटिव संस्थाओं में करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार के सबूतों के साथ दर्ज शिकायत में पक्के सबूत ओर गवाह काफी होने के बाद भी, गुजरात पुलिस सिस्टम को सच्चाई का चश्मा कौन पहनाएगा ?करोड़ों रुपये के घोटालेबाज अभी भी बिंदास बाहर मौज कर रहे हैं।
गुजरात विधानसभा कांग्रेस पार्टी के नेता, MLA और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. तुषारभाई चौधरी ने गुजरात के पुलिस महानिदेशक (DGP) को एक लिखित ज्ञापन देकर सूरत जिले के ओलपाड पुलिस स्टेशन में दर्ज कांठा शुगर कोऑपरेटिव शुगर इंडस्ट्री सोसाइटी के मिसमैनेजमेंट और धोखाधड़ी के गंभीर अपराध में वॉन्टेड/फरार आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की है।
आगे कहा गया है कि ओलपाड पुलिस स्टेशन में दर्ज क्राइम की जांच पूरी होने के बाद चार्जशीट फाइल कर दी गई है, लेकिन कुछ आरोपियों को "वांटेड,फरार" दिखाया गया है। इन आरोपियों को पब्लिक में घूमने, अपना बिजनेस और रोजाना एक्टिविटी खुलेआम करने के बावजूद गिरफ्तार नहीं किया गया है।डॉ. तुषारभाई चौधरी ने कहा है कि सोसायटी में करोड़ों रुपये के फाइनेंशियल मिसमैनेजमेंट, जाली डॉक्यूमेंट्स, गलत स्टॉक वेरिफिकेशन और लोन लेने में गड़बड़ी के बारे में पुलिस ने चार्जशीट फाइल की है। लेकिन, आरोपियों के खिलाफ सख्त एक्शन और गिरफ्तारी न होने से पूरे मामले में गंभीर सवाल उठे हैं।
उन्होंने मांग की है कि DGP पूरे मामले की हाई लेवल पर इंडिपेंडेंट जांच करें, वॉन्टेड आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार करें, गिरफ्तारी में देरी के लिए जिम्मेदारी तय करें और आरोपियों को बचाने की कोशिश करने वाले किसी भी पुलिस ऑफिसर के खिलाफ डिपार्टमेंटल और क़ानून करवाई करे।
पब्लिक इंटरेस्ट और इंसाफ के लिए इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच करना जरूरी है। ताकि कानून का राज और पब्लिक का भरोसा बना रहे।
गुजरातमे अभी जैसे शादियों में किराए पर बैंड मिलता है, वैसे ही सरकार ने भी पुलिसवालों को किराए पर देना शुरू कर दिया है। अब देखना यह है कि गुजरात के होम मिनिस्टर हर्ष संघवी के इशारे पर चलने वाला पुलिस सिस्टम किसानों की मेहनत की कमाई हड़पकर उन्हें साहूकार बनाने वाले आरोपियों को कब जेल भेजेगा और दूसरे घोटालेबाजों के लिए एक मिसाल कायम करेगा।

