कौशाम्बी
*तहसील में फरियादियों से अभद्रता करने वाले दो लेखपाल सेस्पेंड*
*प्रभारी मंत्री के आदेश पर एसडीएम ने किया निलंबित*
*कौशाम्बी* सिराथू तहसील परिसर में घरौनी बनवाने आए फरियादी से अभद्रता करने वाले दो लेखपालों सुनील द्विवेदी और कमल सिंह को प्रभारी मंत्री के आदेश पर सिराथू एसडीएम योगेश गौड़ ने निलंबित कर दिया है।फरियादी से अभद्रता और रिश्वत मांगने के आरोप में यह कार्रवाई की गई है।लेखपालों के सस्पेंड होने से प्रशासनिक गलियारे में हड़कंप मचा हुआ है।जिले में शनिवार को पहुंची प्रभारी मंत्री कृष्णा पासवान एक्शन मोड में दिखाई दी,पत्रकारों की शिकायत पर प्रभारी मंत्री ने मामले को संज्ञान लिया और प्रभारी मंत्री ने मामले में एसडीएम को कड़े निर्देश दिए उसके बाद फरियादी से अभद्रता करने वाले दो लेखपाल निलंबित किए गए हैंसिराथू तहसील परिसर में 9 जून को भदवा गांव निवासी किसान राम भवन अपनी घरौनी की जानकारी लेने लेखपाल कमल सिंह के पास गए थे। राम भवन का आरोप है कि लेखपाल कमल सिंह ने उनसे 5,000 रुपये की मांग की। जब राम भवन के मोबाइल फोन को जेब में देखकर लेखपाल को वीडियो बनाने का शक हुआ,तो उन्होंने अभद्रता करते हुए उनका मोबाइल तोड़ दिया। आरोप है कि साथी लेखपाल सुनील द्विवेदी ने राम भवन को अपशब्द कहते हुए 20 जूते मारने की धमकी भी दी थी। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था।वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए एसडीएम सिराथू ने मामले की जांच तहसीलदार को सौंपी थी। तहसीलदार सिद्धांत कुमार की जांच रिपोर्ट के आधार पर शनिवार शाम यह निलंबन की कार्रवाई की गई।वहीं कौशाम्बी सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने भी शनिवार को सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर इस घटना की निंदा करते हुए कार्रवाई की मांग की थी।शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकारों के फरियादी को लेखपालों द्वारा जूते मारने की वायरल वीडियो के सवाल पर उन्होंने एसडीएम को जांच के आदेश दिए थे,जिसके बाद एसडीएम सिराथू योगेश कुमार गौड़ ने लेखपालों पर निलम्बन की कार्रवाई की है
*ब्यूरो रिपोर्ट मुज़फ्फर कौशाम्बी TTN24news*
