गुरु-चरण पकड़े तो समझो पुरुषोत्तम पकड़ में आ गए: आचार्य श्री पुरुषोत्तम दास त्यागी जी महाराज
🙏🙏🌹🌹🙏🙏🌹🌹"सादर जय सियाराम"
पूज्य गुरुदेव भगवान के चरण-शरण का मिलना यह तो करोड़ों जन्मों का फल है ।
गुरुदेव का चरण वह स्थान है जहां क्षर जगत छूट जाता है ।
और पुरुषोत्तम से मिलन होता है
गुरुदेव चर्च का आश्रय का तात्पर्य है ।
अहंकार का विसर्जन वास्तव में जब सिर गुरु चरणों में झूकता है
तभी "मैं" का बोझ उतरता है ।
सादगी आत्मा का आभूषण बन जाता है ।
गुरु ही वह सेतु हैं जो जीव को पुरुषोत्तम तक ले जाता हैं ।
गुरु-चरण पकड़े तो समझो पुरुषोत्तम पकड़ में आ गए ।
गुरुदेव की सबसे बड़ी प्रसन्नता लोक-कल्याण में है ।
गुरु-चरण पाए , पुरुषोत्तम पाए
शरण मिली तो जीवन धन्य बनाए ।
अब तेरा नहीं , सब गुरुदेव का सब सीताराम जी का ।
यही शरणागति का धर्म है ।
आपका मार्गदर्शक आपके पूज्य गुरुदेव ,
[आचार्य श्री पुरुषोत्तम दास त्यागी जी महाराज]
संपूर्ण भारतवर्ष ,
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