ब्यूरोचीफ शैलेन्द्रसिंह बारडोली गुजरात
गुजरात में बहुमत सत्तारूढ़ भाजपा सरकार आम परिवारों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कब बनाएगी, जो वर्तमान में गैस सिलेंडर प्राप्त करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं?
गुजरात में स्थानीय निकाय चुनाव संपन्न हो चुके हैं नतीजेभी आ चुके हैं। भाजपा को बहुमत मिला है। अब झुमला बाजी के वादे भुला दिए गए चुनावी समय का वादा सरकार ने निश्चित रूप से गुजरात की जनता को आर्थिक बदतर स्थिति में लाकर रख दिया है।मौजूदा मुद्रास्फीति की स्थिति से पता चलता है कि गुजरात के आम लोग अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में भाजपा सरकार विफल हो रही हैं, भले ही घर के कमाने वाले सदस्य ने जीविका कमाने की सीमा को पार कर लिया हो।बड़े शहरों में रहने वाले परिवारों को खाना पकाने के लिए गैस सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं दूसरीऔर उन्हें खुलेआम काला बाजारी में बिकते देखना भाजपा की राजमा जनता के लिए एक कड़वी सच्चाई है।
शहर में रहने वाले परिवारों को खाना पकाने के लिए गैस सिलेंडर नहीं मिलते, जबकि उन्हें मिलने ही चाहिए। ऐसे परिवार चूल्हे पर खाना पकाने के लिए लकड़ी लाने के लिए कौनसा जंगल में जाकर लकड़ी लाए?!भाजपा सरकार के प्रति सामान्य परिवार के एक सदस्यका आक्रोश एक ऐसे व्यक्तिमें एक दर्द के रूपमे स्पष्ट रूप से झलकता है जो सीमित संसाधनों से एक साधारण परिवार का पालन-पोषण करता है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, अपने ही गुजरात में सरकार चला रहे हैं। सुशासन की खींचतान के बीच, यह सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह आम परिवारों को गैस सिलेंडर आसानी से उपलब्ध कराने की व्यवस्था करे। यह जिम्मेदारी केवल जनता का इस्तेमाल वोट हासिल करने तक सीमित नहीं है।

