कडोदरा जीआईडीसी पुलिस ने प्रकाश वासफोडिया को गिरफ्तार किया है, जो पिछले नौ महीनों से दंगा मामलों में वांछित आरोपी था।
सूरत ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक राजेश गढीया ने जिले में फरार वांछित आरोपियों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए थे, जिसके आधार पर कामरेज डिवीजन के प्रभारी संभागीय पुलिस अधिकारी बी.के. वनार के निर्देशों के अनुसार, कडोदरा जीआईडीसी पुलिस स्टेशन के पीआई बी.डी. जिलारिया के नेतृत्व में अपराधों को सुलझाने के लिए जांच शुरू की गईथी।वर्ष 2025 में, पल्साना तहसील के अंत्रोली भूरी फली निवासी आरोपी ओम प्रकाश वंसकोडिया के खिलाफ जिला मेजिस्ट्रेटने पासा गिरफ्तारी का वारंट जारी किया गया था। इस आदेश के आधार पर, निजी जांच अधिकारी के निर्देश पर, ओम प्रकाश वंसकोडिया को सूचना मिली कि आरोपी को कडोदरा चरस्ता के पास शिवाजी प्रतिमा के पाससे हिरासत में लिया गया था।
पुलिस ने हिरासत मे लेके उसे कडोदरा चार रास्ता स्थित पुलिस चौकीपर करवाई केलिए लाया गयाथा। ओर उनकी पुलिस चौकीमें मामले की पूछताछ के दौरान, अंत्रोली भूरी फली के ओम प्रकाश वंसकोडिया के परिवार को गिरफ्तारी का पता चलते घरके सदस्यों जिनमें प्रकाश रमेश वंसकोडिया, विजय रमेश, जय प्रकाश, जिगर विजय, भावनाबेन रमेश वंसकोडिया, कंचनबेन विजयभाई, सागर मोदी, विकास वंसकोडिया, हेतल ईश्वर, मीना दिनेश वंसकोडिया और आठ-दस अन्य लोग शामिल थे वो सब लोगो के खिलाफ कडोदरा पुलिस चौकीमें हंगामा मचाने की घटनामें कड़ोदरा जीआईडीसी पुलिस स्टेशनमें पुलिस कार्यमे रुकावट के रायोटिंग की धारासे गुनाह दर्ज किया गया था।कड़ोदर पुलिस चौकीमें इकठ्ठे लोगोने आरोपीको पुलिस हिरासत से छुड़ाने के झगड़ेमें दरवाजे का शीशा तोड़कर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का अपराध नौ महीने पहले कडोदरा जीआईडीसी पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था।
पिछली तारीख की 8 तारीख को, डीजीपी के आदेशानुसार पूरे राज्य में रात्रि गश्त के दौरान, पीआई बी.डी. ज़िलारिया, पीएसआई बी.बी. वाघेला और पुलिस स्टाफ के सदस्य हरेशभाई, सुरेशभाई, मितेशभाई, वनराजसिंह, कनकसिंह, महिपालदान, अल्ताफभाई,भौतिक कुमार, रुदाभाई और अर्जुनभाई गश्त पर थे।
आरोपी के बारेमे सूचना मिली कि वांछित आरोपी प्रकाश वासफोडिया अपनी पत्नी से मिलने घर आया है। सटीक सूचना के आधार पर, पुलिस टीम ने अंत्रोली गांव भूरी फलिया स्थित आरोपी के घर को पुलिस अधिकारियों और निगरानी स्टाफ के कर्मचारियों द्वारा घेर कर पकड़ कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की। आगे की जांच जारी है।
