ब्यूरोचीफ शैलेन्द्रसिंह बारडोली गुजरात
भाजपा के गैर जिम्मेवार नेता उवाच दोबारा होगी नीट यूजी 2026 परीक्षा, फिर से फीस नही देनी पड़ेगी, रिफंड भी मिलेगा ये फैसला छात्रों के ज़खम पर नमक छिड़कने जैसा।
पेपर लीक के आरोपों के बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने मंगलवार को NEET (UG) 2026 परीक्षा रद्द कर दी है। यह परीक्षा 3 मई को हुई थी। 22.79 लाख स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी थी। NTA ने कहा कि अब परीक्षा दोबारा कराई जाएगी। नई तारीख बादमे जारी की जाएगी। उधर, केंद्र सरकार ने इस मामले की जांच CBI को सौंप दी है।NTA ने बताया कि भारत सरकार की मंजूरी मिलने के बाद परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया गया। उधर, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से दिल्ली में इस मामले मे ं मीडिया ने सवाल पूछा तो वह बिना कुछ बोले चुप चाप निकल पड़े।
राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने नीट यूजी 2026 को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए 3 मई 2026 को आयोजित परीक्षा रद्द कर दी है। एजेंसी ने केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद परीक्षा दोबारा कराने की घोषणा की है। परीक्षा रद्द होने के फैसले के बाद छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता का माहौल है। एनटीए ने हालिया नोटिस मे फीस रिफंड और दोबारा आवेदन की जरूरत न होने बात कही है। परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों में निराशा, गुस्सा और भविष्य को लेकर चिंता साफ दिखाई दी। कई छात्रों ने कहा कि लगातार पेपर लीक की घटनाओने उनकी मेहनत और भरोसे को तोड़ दिया है।
केंद्र सरकार ने इस पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी है। प्रेस रिलीज के अनुसार, एनटीए जांच एजेंसी को हर जरूरी दस्तावेज, रिकॉर्ड और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराएगी। एनटीए ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओ की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। एजेंसी ने माना कि परीक्षा दोबारा कराने से लाखो छात्रों और उनके परिवारों को असुविधा होगी, लेकिन परीक्षा प्रणाली पर भरोसा बनाए रखने के लिए यह फैसला जरूरी था।
नीट मामले में अब तक क्या-क्या हुआ
3 मई 2026 को देशभरमे नीट यूजी परीक्षा आयोजित हुई। तभी
परीक्षा से पहले एक “गेस पेपर" व्हाट्सएप और फोटोकॉपी दुकानो ं के जरिए छात्रों तक पहुंचा।
जांच मे सामन आया कि गेस पेपर के 100 से ज्यादा सवाल असली परीक्षा से मेल खाते थे।
• सबसे पहले सीकरमे छात्रों ने शिकायत दी।
• राजस्थान एसओजी ने एडीजी विशाल बंसल के नेतृत्व में जांच शुरू की।
• एसओजी ने बताया कि 15 दिन से लेकर एक महीन े पहले तक छात्रों तक ये गेस पेपर पहुंच चुका था।
1 मई को कथित सैंपल पेपर केरल से सीकर भेजा गया।
2 मई की रात कथित गेस पेपर व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए छात्रों तक पहुंचाया गया।
7 मई की शाम एनटीए को गड़बड़ी की शिकायतें मिलीं।
8 मई को एनटीए ने मामला केंद्रीय जांच एजेंसियो ं को सौंप दिया।
शुरुआती जांच में गेस पेपर सार्वजनिक रूप से प्रसारित होने की बात सामने आई।
• झुंन झुनुमे से 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
• देहरादून से एक और आरोपी राजेश को हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया गया।
• अब तक 14 से अधिक गिरफ्तारियां हो चुकीं।
केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने के बाद नीट यूजी 2026 परीक्षा को रद्द कर दिया गया।
• मामले की जांच सीबीआई करेगी और परीक्षा दोबारा होगी।
ऐसी पेपर लीक घटनाएं बार बार बनती रहेगी ओर सरकार अपनी रही सही बचानेमे छात्रोकि कड़ी मेहनत मिट्टीमें आखिरी वक्त मिल गई उनका जिम्मेवार कौन?
शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान को जब पत्रकारोंने नीट यूजी 2026 परीक्षा रद्दके मामलेमें पुछागया तभी गैरजिम्मेवार मंत्रीके मुंहसे कोई जवाब नहीं निकला ओर हाथ झटक कर चलपड़े तभी प्रश्न ये उपस्थित होता है की छात्रोंकी कड़ी मेहनत की ये शिक्षामंत्री को कोई कदर नहीं? अगर ऐसे ही मानते है तो सरस्वतीके पुजारी मंत्री बनके घूमने वाले धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत पद से इस्तीफा देने की मांगे छात्रोंमे उठी है।
