ब्यूरोचीफ शैलेन्द्रसिंह बारडोली गुजरात
अंकलेश्वर नगर निगममें एक बार फिर 'कमल' की जीत हुई, भाजपाने 36 में से 25 सीटें जीतीं और कांग्रेस ने 11 सीटें जीतीं। वार्ड नंबर 5 में कांग्रेस के विनय पटेल के पैनल ने भाजपा के गढ़ में सेंध लगा दी।
आम आदमी पार्टी और निर्दलीयोंको सफ़ा अंकलेश्वरकी जनता ने तीसरे पक्ष को अस्वीकार कर दिया।अंकलेश्वर नगरपालिका के आम चुनाव की तस्वीर अब साफ होगई है। सुबहसे शुरू हुई मतगणना के बाद भारतीय जनता पार्टीने नगरपालिका में एक बार फिर सत्ता हासिल करली है। ईवीएम की गिनती शुरू होतेही भाजपा समर्थक माहौल छागया, हालांकि कुछ सीटों पर कांग्रेसने भाजपा को कड़ी टक्कर देकर सबको चौंका दिया।
अंकलेश्वर नगरपालिका के 9 वार्डों की कुल 36 सीटों पर हुए चुनावों में भाजपा ने 25 सीटें जीतकर बहुमत हासिल कर लियाहै। शहरके विकास के नाम पर भाजपाने एक बार फिर जनताका विश्वास जीतनेमें सफलता प्राप्तकी है। वहीं दूसरी ओर, कांग्रेसने पिछली बारसे बेहतर प्रदर्शन करते हुए 11 सीटें जीतकर एक मजबूत विपक्षके रूपमें उभरी है।इस चुनावमें सबसे बड़ा उलटफेर वार्ड नंबर 5 में देखनेको मिला। जहां कांग्रेस के युवा और जोशीले उम्मीदवार विनय पटेल समेत पूरी समितिने जीत का झंडा बुलंद किया है। विनय पटेल की जीत ने भाजपा के सारे समीकरण और गणनाएं उलट-पलट कर दी हैं। जनता ने युवा नेतृत्व पर भरोसा जताया है और भाजपा के गढ़ में सेंध लग गई है।
यह उल्लेखनीय है कि जनता ने आम आदमी पार्टी और निर्दलीय उम्मीदवारों को पूरी तरहसे नकार दिया है। अंकलेश्वरमें भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला देखनेको मिला।
जहां एक ओर नतीजों की घोषणा होते ही भाजपा खेमा जश्न के मूड में है, वहीं कांग्रेस ने वार्ड नंबर 5 और अन्य सीटों पर अपनी जीत को नैतिक जीत करार दिया है। अब देखना यह है कि भाजपा शासित नगरपालिका अगले पांच वर्षों में शहर की समस्याओं का समाधान कैसे करती है।


