लोकेशन आलोट संवाददाता
डॉ सुनील चोपड़ा
निकाय में पैसा नहीं फिर भी नियमों को ताक में रखकर 156 नियुक्तियां की, अब आर्थिक हालात बिगड़े, सफाई कर्मचारी के हड़ताल के कारण नगर में फैल रही गंदगी
बीते करीब डेढ़ दशक के दौरान नियमों की अनदेखी कर नगर परिषद में 156 व्यक्तियों को नियुक्तियां दे दी गई, जिस कारण से नगर परिषद की वित्तीय स्थिति खराब हो गई और विकास कार्य भी रुक से गये है। उधर सफाई कर्मियों को एक माह का वेतन नहीं मिलने पर पिछले तीन दिनों से उनकी काम बंद हड़ताल जारी है, जिसके कारण नगर की सड़कों पर गंदगी फैलती और बढती जा रही है । बीती रात जगदेवगंज में एक जैन समाज के मकान के पास अज्ञात मांस के टुकड़े फेंक दिए गए हैं जिससे लोगों में आक्रोश है उधर प्रभारी सीएमओ द्वारा इस घणित कृत्य को लेकर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ रिपोर्ट के लिए थाना प्रभारी को पत्र लिखा है ।जानकारी के अनुसार वर्ष 2010 से 2022 के दौरान अलग-अलग मुख्य नगरपालिका अधिकारियों के कार्यकाल में बिना राज्य शासन की स्वीकृति लिये ही 156 कर्मचारियों की नियुक्ति कर दी गई। इसके बाद से परिषद की वित्तीय स्थिति खराब होती गई, साथ ही विकास कार्यो पर भी इसका असर पडा हैं।
नगर परिषद अध्यक्ष ममता जैन ने बताया परिषद में स्वीकृत पदों से अधिक कर्मचारियों को रखने से पहले शासन की अनुमति और वित्तीय भार का आंकलन किया जाना अतिआवश्यक होता है, लेकिन यहां इस मामले में न तो दूरदृष्टि अपनाई गई और न ही नियम, प्रक्रिया का पालन किया गया जो अब जांच का विषय बन रहा है।प्रभारी सीएमओ सीताराम चौहान के मुताबिक वर्तमान में परिषद की आय का बड़ा हिस्सा कर्मचारियों के वेतन भुगतान में खर्च हो रहा है, जिससे विकास योजनाएं तक थम गई हैं।
दस्तावेजों में उल्लेखित रिकाॅर्ड अनुसार वर्ष 2014 से 2016 के दौरान सुरेंद्रसिंह पवार के कार्यकाल में सर्वाधिक 40 नियुक्तियां हुईं। वर्ष 2019 में संजय चौधरी के कार्यकाल में 32 कर्मचारियों को रखा गया। इसके अलावा वर्ष 2010 से 2014 के दौरान अशोक शर्मा के कार्यकाल में 31, वर्ष 2017 से 2019 के दौरान कुलदीप के कार्यकाल में 27 नियुक्तियां दर्ज की गईं। अन्य अवधियों में भी संध्या (19), सोनिस (10) तथा वर्ष 2010 से पूर्व 17 नियुक्तियां की गईं है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान मे नगर परिषद में कुल 253 कर्मचारी कार्यरत है, इसमें नियमित 47, विनियमित / संविदा 31, दैनिक श्रमिक 175 है जो राजस्व शाखा मे 33, जलप्रदाय शाखा में 42, विद्युत शाखा में 4, स्वच्छता शाखा में 141, उद्यान शाखा में 18, वाहन शाखा में कुल 15 कर्मचारी कार्यरत है। उन्होंने यह भी बताया कि नगर के 15 वार्ड की कुल 27 हजार जनसंख्या है तथा 500 की संख्या पर एक सफाई कर्मी होना चाहिए और दस प्रतिशत वृध्दि के साथ कुल 70 कर्मचारी ही होना चाहिए पर 141 सफाई कर्मी है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना मे हुए घोटाले की राशि प्रतिमाह चुंगी राशि 38 लाख मे से 28 लाख रुपए काटकर शासन से प्राप्त हो रही है, जबकि विद्युत विभाग के बिल लगभग 22 लाख रुपए के प्रतिमाह आ रहे है।एसडीएम रचना शर्मा ने भी हड़ताल खुलवाने का किया प्रयास,
सफाई कर्मचारी की हड़ताल से चौपट हुई सफाई व्यवस्था को लेकर एसडीएम रचना शर्मा एवं जिला परियोजना अधिकारी अरुण पाठक नगर परिषद कार्यालय पहुंचे वहां पर अध्यक्ष ममता जैन उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह सोलंकी तथा पार्षद गण एवं प्रभारी सीएमओ एवं हड़ताल कर रहे सफाई कर्मचारियों के पदाधिकारी से चर्चा की । उन्होंने चर्चा करते हुए बताया कि निकाय की स्थिति ठीक नहीं है, आय के स्रोत बढ़ाने के लिए कदम उठाना चाहिए वहीं शासन को भी नगर परिषद की ओर से वस्तु स्थिति से भोपाल जाकर स्वयं जानकारी दें, उधर सफाई कर्मियों से कहा कि आप हड़ताल समाप्त कर दे और आपकी जो मांगे हैं उसमें अधिकांश पर विचार किया जा रहा है । लेकिन सफाई कर्मचारियों के नेता इस बात पर अड रहे हैं कि हमें आश्वासन चाहिए कि तनखा कब तक दे दोगे, जब तक आश्वासन समय का नहीं देंगे तब तक हम अपनी हड़ताल समाप्त नहीं करेंगे । इसके बाद परिषद के पदाधिकारी और सीएमओ ने कहा कि जो भी निर्णय होगा नगर परिषद एवं जनता के हित में किया जाएगा ।


