मल्लावां डग्गामार टैक्सी स्टैंड वसूली में आया नया मोड़ पुलिस पर लगा प्रश्न चिन्ह।
ब्यूरो रिपोर्ट
चन्दगीराम मिश्रा
हरदोई यूपी
मल्लावां हरदोई अवैध डग्गा मार टैक्सी स्टैंड पर वसूली को लेकर बीते दिनों में हुई मारपीट में पुलिस ने चार लोगों को नाम दर्ज किया है किस तरह से अड्डा पर होती थी वसूली हकीकत का हुआ खुलासा पुलिस सवालों के घेरे में।जानकारी के अनुसार कस्बा मल्लावा में खादी आश्रम के पास अवैध टैक्सी अड्डा का संचालन लखनऊ वाया मल्लावां चलाया जा रहा था जिस पर बीते दिनों मैं आलोक मिश्रा पुत्र अमित मिश्रा से दबंगों द्वारा₹400 वसूली मागे जाने को लेकर विवाद हुआ विवाद इतना बढ़ा कि अड्डा पर वसूली करने वाले हिमांशु पटेल एवं ध्रुव तथा दो व्यक्ति अज्ञात ने मारपीट कर पीड़ित को लहूलुहान कर दिया स्थानीय पुलिस ने प्रार्थना पत्र लेकर अभियोग पंजीकृत किया मेडिकल दौरान जांच कार्यवाही की जा रही है।
सवाल उठा कि अड्डा पर वसूली करने वाले हिमांशु पटेल उनके दो अज्ञात साथी उनके करीबी ध्रुव यह किस तरह से अड्डा पर वसूली करते थे इन सभी सवालों पर पुलिस एवं ट्रैफिक पुलिस की जवाब देही बनती है हिमांशु पटेल फोर व्हीलर गाड़ी पर सचिवालय का पास लगा और उसमें उत्तर प्रदेश पुलिस की टोपी रखकर पूरे नगर में हूटर बजाते हुए भ्रमण करता था क्या कभी ट्रैफिक पुलिस ने उस गाड़ी के कागज देखे उस गाड़ी की चेकिंग किया स्थानीय पुलिस ने उस गाड़ी पर लगे सचिवालय के पास को जांच किया नहीं किया क्योंकि वह गाड़ी हमारे कमाऊ पूत की है उससे पैसे का स्रोत चल रहा था इसलिए उस गाड़ी की कभी चेकिंग नहीं हुई उस गाड़ी में पुलिस की टोपी रखी कभी पूछताछ नहीं की गई है सचिवालय के पास को गहनता से देखा नहीं गया इन सब सवालों के घेरे में ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय पुलिस के पास कोई जवाब नहीं है अड्डा पर रुवाब दिखाते हुए इन दबंगों ने गरीब तबके के लोगों को ठगा है जिसमें पुलिस सम्मिलित रही है ट्रैफिक पुलिस स्थानीय पुलिस का काम क्या है उनकी जवाब देही क्या बनती है
सवाल यही पर बंद नहीं होता है सूत्रों से मिली खबर पुलिस इस गाड़ी में बैठकर के शाम को इंजॉय करती थी जल्द ही उन पुलिस कर्मियों के फुटेज सोशल मीडिया पर देखने को मिल जाएंगे क्योंकि अपराध को बढ़ाने का काम स्थानीय थाने की पुलिस और ट्रैफिक पुलिस ने किया है इन सब सवालों का जवाब ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय थाने की पुलिस को देना होगा 17 सवारी एक गाड़ी में बैठ कर₹130 से लेकर 140 रुपए तक लखनऊ तक का किराया वसूला गया 20 से 22 गाड़ियों का संचालन मल्लावां से लखनऊ होता था जिसका प्रति गाड़ी ₹400 वसूली की जाती थी गाड़ी यूपी 32 पी, एस, 1548 नंबर पर लगे विधान परिषद सचिवालय का पास सामने रखी पुलिस की टोपी यह रुवाब दिखा करके पैसा वसूला गया शाम को पूरा पैसा वितरण किया गया। सवाल इसलिए उठाया जा रहे हैं कि यदि कोई दुर्घटना लखनऊ मल्लावां के बीच में घटित होती तो क्या 17 सवारियों की भरपाई कौन करता कई रोड हादसा ऐसे हुए हैं जिनमें किसी को देखने वाला भी नहीं बचा है ड्राइवर स्वयं को अपनी सीट पर बैठने को मजबूर होता था लेकिन 140 रुपए के लालच में अपनी सीट भी बेंज देता था सवारी के लिए यह ट्रैफिक पुलिस की घोर लापरवाही रहीं हैं सूत्रों से जानकारी मिली कि सीएनजी ऑटो सीज करने के दबाव में फोटो खींची जाती है और फिर उसे एक कथा कथित जगह का रास्ता दिखाया जाता है कि आप वहां पहुंचे और वहां से यदि फोन आया तो गाड़ी छोड़ दी जाएगी नहीं तो थाने में जीवन भर के लिए गाड़ी सड़ती रहेगी हर हाल में ड्राइवर उस ठिकाने पर पहुंचकर अपनी साल भर की कमाई को चंद्र मिनट में उन लोगों पर निछावर करके अपनी गाड़ी छुड़ाने के नाम पर दे देता है घर पहुंच कर सब्जी तक ले जाने के लाले पड़ जाते हैं यह ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की स्थितियां उत्पन्न होती रहती है इन सारी चीजों पर उच्च अधिकारियों को गम्भीरता से जांच नहीं की तो जल्द ही वह दिन दूर नहीं है मल्लावां में फिर गोलीकांड की स्थिति पैदा हो रही है । हालांकि अभी सूत्रों द्वारा लगाए गए आरोपी का कोई ठोस सबूत मीडिया को नहीं मिल पा रहा है इसलिए लगाए गए आरोप अभी निराधार माने जा रहे हैं।
