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TTN 24.... बनासकांठा गुजरात
दिवंगत डॉ. भीमराव बाबा साहब आंबेडकरजी की जयंतिका 14 अप्रैल का भव्य समारोह गुजरात के बड़गांवमें आयोजित हुए कार्यक्रम में संविधान रचयिताका अपमान से आक्रोशित जनता।
डॉ. भीमराव अंबेडकर ने भारतीय संविधान मे दिए इतना मुख्य योगदान समानता, स्वतंत्रता, न्याय और बंधुत्व समानता, स्वतंत्रता, भाईचारा के मूल सिद्धांतों को आधार बनाकर एक समतामूलक भारत की रूपरेखा लिखी। उनकी ही तस्वीर उनकी ही जन्म जयंती अवसर पर अपमानित हालत में रखी गई।भारत के संविधान मे डॉ. अंबेडकर का मुख्य योगदान मूलभूत अधिकार और न्याय व्यक्तिगत स्वतंत्रता सुनिश्चित की, धर्म की आजादी दी और भेदभाव के विरुद्ध कानून बनाए।
संवैधानिक उपचार अनुच्छेद 32 को अंबेडकर ने संविधान की आत्मा और हृदय बताया ताकि मौलिक अधिकारों के हनन पर नागरिकों को अदालत जाने का अधिकार दिया।
सामाजिक न्याय छुआछूत उन्मूलन संविधान में अनुच्छेद 17 के माध्यम से बाबा साहबने पूरी तरह समाप्त कर दिया गया उसी समय उनके लंबे संघर्ष का परिणाम था आज जनता कलिए एक समय का संघर्ष आम जनता के लिए आशीर्वाद रूप बना।
आरक्षण की व्यवस्था में अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछडे वर्गों के लिए शिक्षा और सरकारी नौकरियो पानेमें आरक्षण का प्रावधान किया ताकि उन्हें समान अवसर मिल सके।
सशक्त केंद्र और लोकतांत्रिक ढांचा जो एक मजबूत केंद्र सरकार के साथ संसदीय लोकतंत्र की स्थापना करके राष्ट्र की एकता बनाये रखनेका बड़ा प्रयास रहा। वोही संविधान के रचयिता डॉ.आंबेडकर साहब एक महान हस्तीकी तस्वीर अपमानित होती हुई दिखाई दी। इससे भारत की जनता के लिए उसीसे बड़ी दुर्भाग्यपूर्ण बात ओर क्या हो सकती है।
भारतीय जनता पार्टी ने आयोजित किया इस कार्यक्रम मे संविधान के रचयिता डॉ. बाबा साहब की तस्वीर कार्यक्रम स्थलपर मंचके कोनेमें रखीगई तस्वीर ओर बगल में खड़े जूते पहने कार्यकर की साफ दिखाई देती तस्वीर को लेके पुरे दलित समाजने आक्रोशित होके ऐसी हरकते पुरे देशका संविधान ओर संविधान रचयिताका अपमान बताया।
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