उप जिलाधिकारी बिलग्राम के आश्वासन पर 11वें दिन पट्टा धारकों ने धरना प्रदर्शन को दिया विराम।
अवैध कब्जा हटवाने को लेकर सई नदी कुरसठ में 10 दिनों से चल रहा धरना प्रदर्शन समाप्त।
ब्यूरो रिपोर्ट
चन्दगीराम मिश्रा
हरदोई यूपी
हरदोई बिलग्राम तहसील क्षेत्र के अंतर्गत परौली सई नदी पुल पर पट्टाधारकों द्वारा अपनी भूमि पर कब्जा दिलाने की मांग को लेकर विगत 10 दिनों से चल रहा विशाल धरना प्रदर्शन उग्र होता जा रहा था जिसको संज्ञान में लेते हुए। शुक्रवार 10 अप्रैल को प्रशासन के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ।यह धरना प्रदर्शन के 11 वें दिन प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में पट्टा धारकों की समस्याओं को समाधान की दिशा में पहल की गई 10 अप्रैल को उप जिलाधिकारी बिलग्राम एन राम के नेतृत्व में नायब तहसीलदार अनेक सिंह कानून को एवं शिव सिंह लेखपाल कपिल नीरज अस्थान जमाल अहमद सहित काफी संख्या में राजस्व कर्मी एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने घटना स्थल पर पहुंच कर मौजूद पट्टा धारकों से बात की उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना पट्टाधारकों में रामस्वरूप अशोक फकीरे बाबू महांदीन बेचेलाल आदि लोग सहित अन्य आरोप लगाया है कि उन्हें आवंटित भूमि पर अभी तक कब्जा नहीं मिला है और कुछ स्थानों पर अवैध कब्जा बना हुआ है जिससे वह अपने अधिकारों से वंचित है इस पर एसडीएम बिलग्राम ने मौके पर मौजूद राजस्व एवं पुलिस बल के अधिकारियों को निर्देशित किया कि संबंधित भूमि की तत्काल पैमाइस कराया जाए और जहां भी अवैध कब्जा है उसे हटवाकर पट्टा धारकों को उनकी भूमि पर विधिवत कब्जा दिलाया जाए साथ ही मेंढबंदी कराकर भूमि की सीमाएं स्पष्ट करने के भी दिशा निर्देश दिए गए ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो सके। प्रशासन के इस आश्वासन पर त्वरित कार्रवाई के निर्देशों से संतुष्ट होकर पट्टा धारकों ने अपना धरना प्रदर्शन समाप्त करने की घोषणा की पिछले कई दिनों से चल रहे इस आंदोलन के समापन होने से क्षेत्र में स्थिति सामान्य हो गई है।
धरना स्थल पर इस दौरान रेमन मैग्सेसे पुरस्कार विजेता संदीप पांडेय समाजसेवी अभिषेक पटेल भारती किसान यूनियन इंडिया की जिला अध्यक्ष रेखा दिक्षित अखिल भारतीय किसान महासभा के उत्तर प्रदेश संयोजक ओमप्रकाश किसान अधिकार पंचायत के जिला संयोजक देवी चरण पटेल सहित कई सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं क्षेत्रीय लोग उपस्थित रहे सभी ने प्रशासन से मांग की है कि निर्देशों का शीघ्र पालन सुनिश्चित किया जाए जिससे पट्टा धारकों को उनका अधिकार मिल सके ।वही पट्टा धारकों ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें शीघ्र कब्जा नहीं मिला तो हुए पुनः आंदोलन करने को बाध्य होंगे जिसकी पूरी जवाब दे ही शासन प्रशासन की होगी।
